मिर्गी दौरे के उपचार के लिए खोजीं 74 नई औषधियां
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केंद्रीय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लाइफ साइंस के कंप्यूटेशनल जीव विज्ञान और जैव सूचना विज्ञान सेंटर ने मिर्गी की बीमारी के इलाज के लिए 74 नई औषधियों (पादप रसायन) की खोज की है। सीयू के सहायक आचार्य डॉ. विक्रम सिंह और शोधार्थी नेहा चौधरी ने आयुर्वेद पद्धति से मिर्गी की बीमारी के उपचार को इन औषधियों को खोजा है।
वर्तमान में मिर्गी उपचार के लिए बाजार में या फिर शोध के लिए लगभग 40 औषधियां ही मौजूद हैं। सीयू की नई खोज से अब मिर्गी के मरीजों को उपचार के लिए खासी मदद मिलेगी। गुरु और शिष्य की इस नई खोज पर आधारित किया गया अध्ययन एवं मूल्यांकन नेटवर्क फार्माकोलॉजी के सिद्धांतों के अनुसार प्रकृति वैज्ञानिक रिपोर्ट में प्रकाशित हुआ है।
ऐसे ढूंढे नए औषधीय पौधे
सहायक आचार्य डॉ. विक्रम सिंह व शोधार्थी नेहा चौधरी ने कहा कि सबसे पहले उन्होंने मिर्गी दौरे की बीमारी के बारे में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में वास्तविक नाम ढूंढा। इसे आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में अपस्मार कहा जाता है।
उसके बाद अपस्मार बीमारी के उपचार में प्रयोग की जाने वाली औषधीय पौधों की सूची तैयार की, जिसमें 63 औषधीय पौधे मिले। उसके बाद इन औषधीय पौधों के पादप रसायन की सूची तैयार की गई। 63 औषधीय पौधों में कुल 349 पादप रसायन मिले। इस दौरान 74 नए पादप रसायन सामने आए। इनका नेटवर्क फार्माकोलॉजी के तहत परीक्षण किया गया है।
दिमाग की बीमारियों को ठीक करने के मिले 11 नए पादप रसायन
शोध के दौरान 74 पादप रसायनों में 11 ऐसे रसायन मिले हैं, जो दिमाग के तंत्रिका तंत्र को ठीक करने के प्रयोग में लाए जा सकते हैं। इस खोज से न्यूरो समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को मदद मिल सकती है।
डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि शोध के एक मुख्य परिणाम में इन 63 औषधियों में पाए जाने वाले 349 पादप-रसायनों का विस्तृत तुलनात्मक परीक्षण किया गया है। पहले से मौजूद 40 दवाओं का संदर्भ लेते हुए ऐसे 74 नए पादप रसायन सामने आए हैं जो मिर्गी दौरे की बीमारी का इलाज करने में काम आ सकते हैं।