केंद्र ने लिया कड़ा संज्ञान, हिमाचल सरकार को लगाई फटकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह जिले मंडी में प्रदेश के पहले क्लस्टर विश्वविद्यालय के निर्माण में देरी पर केंद्र सरकार ने हिमाचल को फटकार लगाई है। विवि के लिए बजट जारी होने के दो साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू न होने पर केंद्र ने हिमाचल के शिक्षा सचिव से जल्द फिजिकल इंस्पेक्शन रिपोर्ट देने को कहा है।
वीरवार को दिल्ली में एमएचआरडी के सचिव की अध्यक्षता में रूसा के तहत जारी सिविल वर्क की समीक्षा हुई। पांच नवंबर को एमएचआरडी के सचिव सभी राज्यों के शिक्षा सचिवों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग से सिविल वर्क के लिए जारी हुए बजट पर चर्चा करेंगे।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के पहले चरण में करीब दो साल पहले हिमाचल को मंडी जिले में क्लस्टर विवि बनाने को करीब 27 करोड़ का बजट जारी हुआ था। कांग्रेस सरकार के समय विवि को लेकर कई बार प्रस्ताव बनाया गया। कमियों का हवाला देकर इसमें कई बदलाव भी किए गए।
पहले छह जिलों के कॉलेजों को विवि में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया। फिर सिर्फ मंडी जिले के चार कॉलेजों को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव मंजूर हुआ। विधानसभा में विश्वविद्यालय का एक्ट पेश न होने और वित्त विभाग की आपत्तियों के चलते करीब डेढ़ साल तक मामला फाइलों में लटका रहा। सत्ता परिवर्तन के बाद जयराम सरकार इस बाबत तेजी लाई है। सरकार ने अपने सौ दिनों के एजेंडे में भी इसे शामिल किया है।
शिक्षा सचिव ने स्पष्ट की स्थिति
शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा ने बैठक में मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि 11 सितंबर को क्लस्टर विवि की आधारशिला रखी जा चुकी है। जल्द निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। टेंडर से संबंधित औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
क्लस्टर विवि में शामिल किए हैं चार कॉलेज- क्लस्टर विवि के तहत सरकार ने मंडी जिले के चार कॉलेजों को शामिल किया है। मंडी कॉलेज को लीड कॉलेज बनाया है। बासा, द्रंग और सुंदरनगर कॉलेज इसमें जोड़े हैं।
इनमें स्कूल ऑफ लॉ, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ परफार्मिंग आर्ट, स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर प्लानिंग, स्कूल ऑफ टीचर एजूकेशन, स्कूल ऑफ जियो फिजिकल साइंस और स्कूल ऑफ मैनेजमेंट को शुरू किया जाना प्रस्तावित है। विवि के तहत भविष्य में साथ लगते अन्य कॉलेजों को भी शामिल करने का एक्ट में प्रावधान किया गया है।