नकल रोकने को परीक्षा केंद्रों में स्थापित होंगे ऑडियो सुविधा से लैस सीसीटीवी
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षाओं के दौरान आने वाले समय में सीसीटीवी में वीडियो की ही नहीं ऑडियो की सुविधा भी होगी। इसका कंट्रोल रूम शिक्षा बोर्ड धर्मशाला में होगा, जहां स्क्रीन वॉल पर अधिकारी ऑडियो-वीडियो पर नजर रखेंगे।
बीते साल से बोर्ड ने सौ फीसदी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी की सुविधा मुहैया करवाई है, लेकिन ऑडियो न होने के चलते परीक्षा केंद्र के बाहर से उत्तर बताकर नकल के मामले सामने आए।
शिकायतों के बाद अब प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने नकल रोकने के लिए करीब चार करोड़ रुपये का नया प्रोजेक्ट तैयार किया है। प्रोजेक्ट के मूर्तरूप लेने पर पांच साल तक करीब ढाई करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च आएगा।
हालांकि, शिक्षा बोर्ड हर साल करीब 60 से 70 लाख रुपये नकल रोकने के लिए खर्च करता है। इसमें फ्लाइंग स्क्वायड के टीए-डीए सहित अन्य खर्चे शामिल हैं। नए प्रोजेक्ट के अनुसार परीक्षा केंद्र का ऑडियो और वीडियो दोनों का सीधा प्रसारण स्कूल शिक्षा बोर्ड के कंट्रोल रूम की स्क्रीन वॉल पर होगा।
प्रोजेक्ट के तहत ऐसे होगा काम
बोर्ड अध्यक्ष, सचिव सहित बोर्ड के उच्च अधिकारी अपने मोबाइल पर भी केंद्र की गतिविधियां जान सकेंगे। सरकार से आर्थिक सहायता के लिए बोर्ड को प्रोजेक्ट भेजा है। यदि सरकार से इसे हरी झंडी मिलती है, तो यह देश का पहला शिक्षा बोर्ड होगा, जो उच्च तकनीक से नकल रोकने के लिए काम करेगा।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड से नकल रोकने के लिए प्रोजेक्ट मिला है। बोर्ड के प्रोजेक्ट के लिए बजट का प्रावधान करने के लिए केंद्र से भी मांग करेंगे
प्रोजेक्ट के लिए अपना सॉफ्टवेयर तैयार होगा। परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी कैमरा और माइक का पूरा डाटा लीज लाइन या फिर ब्रॉडबैंड से सॉफ्टवेयर तक पहुंचेगा।
इसके बाद शिक्षा बोर्ड के कंट्रोल रूम के स्क्रीन वॉल पर पूरा डाटा जाएगा। इसमें सबसे अहम बात यह है कि सीसीटीवी कैमरे की लो क्वालिटी होने पर भी सॉफ्टवेयर से उसे बढ़ाकर स्क्रीन वॉल पर साफ देखा जा सकेगा।