हिमाचल में सीसीटीवी कैमरे से होगी अवैध खनन की निगरानी
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प्रदेश हाईकोर्ट में अवैध खनन के मामले की सुनवाई के दौरान भूवैज्ञानिक ने कोर्ट को बताया कि सिरमौर जिले के अवैध खनन से जुड़े सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
कैमरे लगाने के लिए हिमाचल स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कारपोरेशन को पैसा दे दिया गया है। सोलन, ऊना व कांगड़ा जिला के नूरपुर में कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है। इलेक्ट्रॉनिक कारपोरेशन को आगामी प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी करने के लिए भी आदेश किए गए हैं।
कोर्ट ने उम्मीद जताई कि कारपोरेशन दो सप्ताह के भीतर यह प्रक्रिया पूरी कर लेगा। कोर्ट ने भू वैज्ञानिक को शपथपत्र के माध्यम से यह बताने के आदेश दिए थे कि अवैध खनन के संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाने की ताजा स्थिति क्या है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने भूवैज्ञानिक को यह स्पष्ट करने को कहा कि उन कैमरों की निगरानी कौन करेगा। कोर्ट ने इस मामले में स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कारपोरेशन को प्रतिवादी बनाया है।
कोर्ट ने कारपोरेशन को दिए ये आदेश
कारपोरेशन को आदेश दिए गए हैं कि वह तुरंत उद्योग विभाग को जरूरी सीसीटीवी कैमरे मुहैया कराने के लिए कारगर कदम उठाए ताकि उन्हें उन सभी स्थानों पर लगाया जा सके, जहां अवैध खनन होता है।
कोर्ट ने प्रदेश में खनन माफि याओं की बढ़ती सक्रियता पर छपी खबरों पर लिये गये संज्ञान वाली जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात उपरोक्त आदेश पारित किए।
उल्लेखनीय है कि कोर्ट ने खनन माफि याओं की बढ़ती सक्रियता पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से पूछा था कि उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाई की जिनके संरक्षण में खनन माफि या अपना अवैध कारोबार जारी रखे हुए है।
सरकार ने बताया है कि अवैध खनन रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर ट्रायल के तौर पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। मामले पर अगली सुनवाई 13 सितंबर को होगी।