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सीबीएसई 10वीं की परीक्षा की अच्छी शुरुआत सुबह जाम ने किया परेशान
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शिमला के डीएवी लक्कड़ बाजार में सीबीएसई की दसवीं कक्षा की परीक्षा देने के बाद चर्चा करते परीक्षा?
- फोटो : SHIMLA CITY
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थर्मल स्क्रीनिंग के बाद परीक्षा देने बैठे विद्यार्थी
शिमला। समय 10:15 बजे। स्थान : दयानंद पब्लिक स्कूल। स्कूल का गेट खुल चुका है। गेट पर सुरक्षा कर्मी एक-एक छात्र का तापमान चेक कर रजिस्टर पर दर्ज कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय जाखू के शिक्षक योगेश अपने स्कूल के आए छात्रों को चेक कर आगे भेज रहे हैं। सामने टेबल पर सैनिटाइजर रखा है जिसका छात्र बारी-बारी इस्तेमाल कर परीक्षा हाल में प्रवेश कर रहे हैं। पहले दिन परीक्षा देकर लौटे विद्यार्थी बोले कि परीक्षा अच्छी हुई लेकिन सुबह जाम ने परेशान किया।
यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल और केवी जाखू के दसवीं कक्षा के परीक्षार्थी उचित दूरी बनाकर कतार में खड़े होकर स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश कर रहे हैं। दयानंद स्कूल की प्रधानाचार्य एवं सीबीएसई की जिला कोआर्डिनेटर अनुपमा स्वयं व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। समय 10:20 बजे। छात्र-छात्राओं की कतार लगी हुई है। कुछ अभिभावक बच्चों को छोड़ने स्कूल पहुंच रहे हैं। 10:30 बजे तक अधिकतर विद्यार्र्थियों ने स्कूल में प्रवेश कर लिया। 10:40 बज चुके हैं।
केवी स्कूल के छात्र अंशुल, अनुज, महक और लैबरान एक साथ न्यू शिमला से आते-आते जाम में फंसने के कारण लेट हो गए। इन्हें भी स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। 10:45 बजे केवी के वैभव और छोटा शिमला से आई छात्रा सरगम को भी शिक्षकों ने रोलनंबर पूछ कर जल्दी अंदर प्रवेश दे दिया।
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साढ़े दस बजे से पहले पहुंचना अनिवार्य : अनुपमा
शिमला। दयानंद स्कूल की प्रधानाचार्य अनुपमा ने ग्यारह बजते ही गेट पर खड़ी घंटी बजाने का इशारा किया। इसके साथ ही दसवीं की सीबीएसई बोर्ड की सोशल साइंस की परीक्षा शुरू हो गई। कहा कि पहले दिन शहर में लगे जाम और समय की सही जानकारी के अभाव के चलते कुछ बच्चे देरी से स्कूल पहुंचे। लेकिन सभी को 10:45 बजे तक प्रवेश दे दिया था। मंगलवार को व्यवस्था सख्ती से लागू रहेगी। परीक्षार्थियों को साढ़े दस बजे तक हर हाल में परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करे।
हेडिंग
परीक्षार्थी बोले पसंद आया नया
पैटन, पढ़ाई का बोझ भी घटेगा
सबहेड
परीक्षा देकर हंसते हुए हाल से बाहर निकले छात्र
क्रॉसर
बोले, अब परीक्षा का खौफ हो गया दूर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लक्कड़ बाजार डीएवी स्कूल में दसवीं की सोशल साइंस की परीक्षा देकर ठीक एक बजे घंटी बजते ही लोरेटो कान्वेंट ताराहाल स्कूल की दसवीं की छात्राएं और लोरेटो भराड़ी स्कूल के विद्यार्थी हंसते हुए बाहर निकले। चेहरों से साफ झलक रहा था कि उनकी सीबीएसई की फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं की शुरुआत अच्छी हुई है। मंगलवार को दसवीं की सोशल साइंस विषय की परीक्षा थी।
परीक्षा देकर बाहर निकले कुछ छात्र-छात्राओं से नए टर्म पैटर्न को लेकर अमर उजाला की टीम ने बात की। विद्यार्थियों ने बताया कि मल्टीपल च्वाइस का यह परीक्षा पैटर्न अच्छा है। इससे पढ़ाई का बोझ घटेगा और परीक्षा का डर कम होगा। अब आगे की परीक्षाएं देने का कोई भय नहीं रहेगा। परीक्षा में पूछे गए 60 मल्टीपल च्वाइस प्रश्नों में दस नंबर की च्वाइस थी। 40 अंकों की इस परीक्षा में 60 में से 50 ही प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर गोले लगाकर देने थे। इसमें हर प्रश्न 0.8 अंक थे।
परीक्षा का पैटर्न अच्छा : पीयूष
लोरेट भराड़ी स्कूल के दसवीं के छात्र पीयूष ने बताया कि परीक्षा का पैटर्न बहुत अच्छा लगा। कहा कि जो पढ़ा था उसी में से सवाल आए थे। पहले जो डर लग रहा था वो प्रश्नपत्र देखते ही कम हो गया।
प्रश्न हल करने में नहीं हुई दिक्कत : गौरी
लोरेट भराड़ी स्कूल की छात्रा गौरी ने कहा कि परीक्षा का पैटर्न नया था लेकिन इसका अभ्यास स्कूल में करवाया था। इसलिए प्रश्नों के उत्तर देने में कोई समस्या नहीं आई। पहली परीक्षा अच्छी हुई है।
सिर्फ आठ चैप्टर से आए थे प्रश्न : मयंक
केवी जाखू सेंटर से परीक्षा देकर लौटे डीएवी लक्कड़ बाजार के छात्र मयंक शर्मा ने कहा कि पैटर्न बहुत अच्छा था। एमसी क्यू के कारण सब याद रखने की जरूरत नहीं पड़ी। इस बार सिर्फ आठ चैप्टर से ही प्रश्न आए थे, इसलिए कोई दिक्कत नहीं हुई।
परीक्षा डर हो गया खत्म : तनुज
डीएवी लक्कड़ बाजार के छात्र तनुज ने कहा कि जिसने सब समझ कर तैयारी की थी उसके लिए हर प्रश्न का उत्तर देना मुश्किल नहीं था। च्वाइस भी अच्छी थी। अब आगे की परीक्षाओं को लेकर कोई डर मन में नहीं रहा है।
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शिमला। समय 10:15 बजे। स्थान : दयानंद पब्लिक स्कूल। स्कूल का गेट खुल चुका है। गेट पर सुरक्षा कर्मी एक-एक छात्र का तापमान चेक कर रजिस्टर पर दर्ज कर रहा है। केंद्रीय विद्यालय जाखू के शिक्षक योगेश अपने स्कूल के आए छात्रों को चेक कर आगे भेज रहे हैं। सामने टेबल पर सैनिटाइजर रखा है जिसका छात्र बारी-बारी इस्तेमाल कर परीक्षा हाल में प्रवेश कर रहे हैं। पहले दिन परीक्षा देकर लौटे विद्यार्थी बोले कि परीक्षा अच्छी हुई लेकिन सुबह जाम ने परेशान किया।
यूनिवर्सिटी मॉडल स्कूल और केवी जाखू के दसवीं कक्षा के परीक्षार्थी उचित दूरी बनाकर कतार में खड़े होकर स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश कर रहे हैं। दयानंद स्कूल की प्रधानाचार्य एवं सीबीएसई की जिला कोआर्डिनेटर अनुपमा स्वयं व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं। समय 10:20 बजे। छात्र-छात्राओं की कतार लगी हुई है। कुछ अभिभावक बच्चों को छोड़ने स्कूल पहुंच रहे हैं। 10:30 बजे तक अधिकतर विद्यार्र्थियों ने स्कूल में प्रवेश कर लिया। 10:40 बज चुके हैं।
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केवी स्कूल के छात्र अंशुल, अनुज, महक और लैबरान एक साथ न्यू शिमला से आते-आते जाम में फंसने के कारण लेट हो गए। इन्हें भी स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। 10:45 बजे केवी के वैभव और छोटा शिमला से आई छात्रा सरगम को भी शिक्षकों ने रोलनंबर पूछ कर जल्दी अंदर प्रवेश दे दिया।
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साढ़े दस बजे से पहले पहुंचना अनिवार्य : अनुपमा
शिमला। दयानंद स्कूल की प्रधानाचार्य अनुपमा ने ग्यारह बजते ही गेट पर खड़ी घंटी बजाने का इशारा किया। इसके साथ ही दसवीं की सीबीएसई बोर्ड की सोशल साइंस की परीक्षा शुरू हो गई। कहा कि पहले दिन शहर में लगे जाम और समय की सही जानकारी के अभाव के चलते कुछ बच्चे देरी से स्कूल पहुंचे। लेकिन सभी को 10:45 बजे तक प्रवेश दे दिया था। मंगलवार को व्यवस्था सख्ती से लागू रहेगी। परीक्षार्थियों को साढ़े दस बजे तक हर हाल में परीक्षा केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करे।
हेडिंग
परीक्षार्थी बोले पसंद आया नया
पैटन, पढ़ाई का बोझ भी घटेगा
सबहेड
परीक्षा देकर हंसते हुए हाल से बाहर निकले छात्र
क्रॉसर
बोले, अब परीक्षा का खौफ हो गया दूर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। लक्कड़ बाजार डीएवी स्कूल में दसवीं की सोशल साइंस की परीक्षा देकर ठीक एक बजे घंटी बजते ही लोरेटो कान्वेंट ताराहाल स्कूल की दसवीं की छात्राएं और लोरेटो भराड़ी स्कूल के विद्यार्थी हंसते हुए बाहर निकले। चेहरों से साफ झलक रहा था कि उनकी सीबीएसई की फर्स्ट टर्म की परीक्षाओं की शुरुआत अच्छी हुई है। मंगलवार को दसवीं की सोशल साइंस विषय की परीक्षा थी।
परीक्षा देकर बाहर निकले कुछ छात्र-छात्राओं से नए टर्म पैटर्न को लेकर अमर उजाला की टीम ने बात की। विद्यार्थियों ने बताया कि मल्टीपल च्वाइस का यह परीक्षा पैटर्न अच्छा है। इससे पढ़ाई का बोझ घटेगा और परीक्षा का डर कम होगा। अब आगे की परीक्षाएं देने का कोई भय नहीं रहेगा। परीक्षा में पूछे गए 60 मल्टीपल च्वाइस प्रश्नों में दस नंबर की च्वाइस थी। 40 अंकों की इस परीक्षा में 60 में से 50 ही प्रश्नों के उत्तर ओएमआर शीट पर गोले लगाकर देने थे। इसमें हर प्रश्न 0.8 अंक थे।
परीक्षा का पैटर्न अच्छा : पीयूष
लोरेट भराड़ी स्कूल के दसवीं के छात्र पीयूष ने बताया कि परीक्षा का पैटर्न बहुत अच्छा लगा। कहा कि जो पढ़ा था उसी में से सवाल आए थे। पहले जो डर लग रहा था वो प्रश्नपत्र देखते ही कम हो गया।
प्रश्न हल करने में नहीं हुई दिक्कत : गौरी
लोरेट भराड़ी स्कूल की छात्रा गौरी ने कहा कि परीक्षा का पैटर्न नया था लेकिन इसका अभ्यास स्कूल में करवाया था। इसलिए प्रश्नों के उत्तर देने में कोई समस्या नहीं आई। पहली परीक्षा अच्छी हुई है।
सिर्फ आठ चैप्टर से आए थे प्रश्न : मयंक
केवी जाखू सेंटर से परीक्षा देकर लौटे डीएवी लक्कड़ बाजार के छात्र मयंक शर्मा ने कहा कि पैटर्न बहुत अच्छा था। एमसी क्यू के कारण सब याद रखने की जरूरत नहीं पड़ी। इस बार सिर्फ आठ चैप्टर से ही प्रश्न आए थे, इसलिए कोई दिक्कत नहीं हुई।
परीक्षा डर हो गया खत्म : तनुज
डीएवी लक्कड़ बाजार के छात्र तनुज ने कहा कि जिसने सब समझ कर तैयारी की थी उसके लिए हर प्रश्न का उत्तर देना मुश्किल नहीं था। च्वाइस भी अच्छी थी। अब आगे की परीक्षाओं को लेकर कोई डर मन में नहीं रहा है।