सीएम वीरभद्र के आवेदन पर सीबीआई ने दिया जवाब
हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आवेदन पर सोमवार को सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल कर दिया। इसके बाद अदालत ने आवेदन पर सुनवाई के लिए 24 नवंबर की तारीख तय की है। आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज एफआईआर की पूरी कॉपी कोर्ट में जमा न करवाने का आरोप वीरभद्र सिंह ने सीबीआई पर लगाया है। जिसे जमा करवाने का निर्देश देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री व उनके परिवार के खिलाफ जांच एजेंसी ने प्रारंभिक जांच पंजीकृत की थी, जिसे बाद में रेगुलर केस में तब्दील कर दिया गया। एजेंसी का आरोप है कि 6.1 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति अर्जित की है। यह संपत्ति 2009-11 की अवधि में उनकी घोषित आय से अधिक है। इस अवधि में वीरभद्र यूपीए सरकार में इस्पात मंत्री थे।
सीएम पर लगे हैं ये आरोप
सीबीआई ने वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा, एलआईसी एजेंट आनंद चौहान व चुन्नी लाल चौहान के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत नामजद एफआईआर की है। एजेंसी का दावा है कि केंद्रीय मंत्री रहते हुए वीरभद्र ने अपने व अपने परिवार के लोगों के नाम पर चौहान के जरिये एलआईसी पॉलिसी में 6.1 करोड़ रुपये निवेश किए।
गौरतलब है कि सीबीआई ने पहली बार किसी वर्तमान मुख्यमंत्री के सरकारी निवास व अन्य दस स्थानों पर 26 सितंबर को छापेमारी की थी, उसी दिन सीएम की बेटी की शादी थी। इस कार्रवाई का चौतरफा विरोध हुआ था। कांग्रेस ने इसे मोदी सरकार के इशारों पर की गई कार्रवाई करार दिया था। इस मामले से जुड़ी सुनवाई को हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट भी ट्रांसफर किया गया है।