छात्रवृत्ति घोटाला: शिमला सीबीआई के पास पहुंची फाइल, छानबीन शुरू
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हिमाचल के निजी शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दिखाकर 250 करोड़ रुपये से अधिक के कथित छात्रवृत्ति घोटाले की फाइल सीबीआई की शिमला शाखा के पास पहुंच गई है।
केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद पहुंचे मामले की पहले छानबीन की जाएगी। जल्द ही सीबीआई विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर सकती है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने छानबीन के लिए जांच अधिकारी भी नियुक्त कर दिया है।
मामले की तह तक पहुंचने के लिए सीबीआई इसका सारा रिकॉर्ड पुलिस और शिक्षा विभाग से भी तलब करेगी। मामले में प्रदेश व बाहरी राज्यों के कई शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन समेत कई अन्यों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
शिक्षा विभाग की जांच में हुआ ये खुलासा
सीबीआई के मीडिया प्रभारी आरसी गौड़ ने कहा कि सरकार से मामला मिलने के बाद जांच के लिए सीबीआई की शिमला शाखा को भेजा जा चुका है। यहां मामले की जांच के बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा।
शिक्षा विभाग की अभी तक की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि बीते चार साल में 2.38 लाख छात्रों में से 19,915 छात्रों को चार मोबाइल फोन नंबर से जुड़े बैंक खातों में छात्रवृत्ति राशि जारी कर दी गई। यही नहीं, 360 विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति चार ही बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।
5729 को छात्रवृत्ति देने में तो आधार नंबर का इस्तेमाल ही नहीं हुआ। बड़ी बात यह है कि साल 2013-14 से लेकर साल 2016-17 तक शिक्षा विभाग ने किसी भी स्तर पर छात्रवृत्ति योजनाओं की निगरानी तक नहीं की।