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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   CBI raids Shimla's Advanced Studies and CPWD office, know the whole matter

CBI Raids: उच्च अध्ययन संस्थान और सीपीडब्ल्यूडी के कार्यालय में सीबीआई ने दी दबिश, जानें पूरा मामला

Wed, 20 Sep 2023 07:48 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 20 Sep 2023 07:48 PM IST
सार

सीबीआई ने उच्च अध्ययन संस्थान के साथ-साथ सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से भी रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया है।इस कार्रवाई से दोनों ही केंद्रीय कार्यालयों में हड़कंप और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। 

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CBI raids Shimla's Advanced Studies and CPWD office, know the whole matter
सीबीआई (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने बुधवार को भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान (आईआईएएस) और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) के कार्यालय में दबिश दी। यह दबिश एडवांस्ड स्टडी संस्थान में बने टेनिस कोर्ट निर्माण में हुई कथित धांधलियों को लेकर मिली शिकायत के आधार पर दी गई। इस कोर्ट का निर्माण सीपीडब्ल्यूडी ने किया है। सीबीआई ने उच्च अध्ययन संस्थान के साथ-साथ सीपीडब्ल्यूडी कार्यालय से भी रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया है। इस कार्रवाई से दोनों ही केंद्रीय कार्यालयों में हड़कंप और अफरातफरी की स्थिति बनी रही।

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सीबीआई अब इस पर जल्द मामला दर्ज कर सकती है। सीबीआई की टीम बुधवार सुबह निजी वाहनों से आईआईएएस पंहुची। यहां जांच टीम ने टेनिस कोर्ट से जुड़े दस्तावेजों को खंगाला और कुछ दस्तावेज अपने कब्जे में भी लिए। डीएसपी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में यह कार्रवाई अमल में लाई गई। टीम ने टेनिस कोर्ट का भी निरीक्षण किया। इसके बाद टीम सीपीडब्ल्यूडी के कैनेडी चौक स्थित कार्यालय पहुंची। यहां पर निर्माण कार्य से जुड़े हर दस्तावेज को खंगाला गया।
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कुछ दस्तावेज को टीम अपने साथ भी ले गई। यह जांच करीब चार घंटे तक चलती रही। सूत्रों के अनुसार एक अधिकारी ने टेनिस कोर्ट के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत सीबीआई से की। बाकायदा इसको लेकर सीबीआई को पत्र भी लिखा। 50 से 55 लाख रुपये का बजट इस कोर्ट के निर्माण पर खर्च किया गया है। प्रथम दृष्टया जांच में यह काफी कम लग रहा है। हालांकि जांच के बाद ही इसके सही तथ्य उजागर होंगे। इस मामले में आने वाले दिनों में अधिकारियों से लेकर निर्माण एजेंसी से जुड़े लोगों से भी पूछताछ हो सकती है।

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