दूरदर्शन केंद्र शिमला में सीबीआई का छापा, देर रात तक खंगाला रिकॉर्ड
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दूरदर्शन केंद्र शिमला में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे अचानक सीबीआई टीम ने दबिश दी। दिल्ली और शिमला सीबीआई की संयुक्त आठ सदस्यीय टीम ने रिकॉर्ड रूम को सील कर एक दर्जन फाइलों को कब्जे में ले लिया है।
टीम वर्ष 2013 से लेकर अब तक के रिकार्ड को खंगाल रही है। सीबीआई की कार्रवाई देर रात तक चलती रही। सीबीआई सूत्रों के अनुसार संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है। पुख्ता साक्ष्य मिलने पर सीबीआई मुकदमा भी दर्ज कर सकती है।
सीबीआई को शिकायत मिली थी कि रायलटी भुगतान को लेकर दूरदर्शन केंद्र में लंबे समय से गड़बड़झाला चल रहा है। ऐसे प्रोडक्शन हाउस को भुगतान किया गया है जिसके पास कार्यक्रम प्रसारित करने के राइट्स ही नहीं थे।
भुगतान में गड़बड़ी, दो-दो पदों पर पैसे देने का आरोप
शिमला दूरदर्शन में रखे गए कैजुअल, न्यूज सेक्शन में रखे गए अनुबंध कर्मचारियों को होने वाले भुगतान में गड़बड़ी और स्टिंगर को दो-दो पदों का मासिक भुगतान करने के आरोप हैं।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से चल रहे गड़बड़झाले में सीनियर अधिकारी भी सीबीआई जांच के दायरे में हैं। सीबीआई रेड के दौरान दो अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे, इसलिए अभी पूरा रिकार्ड नहीं मिल पाया है।
सीबीआई टीम कल भी रिकार्ड खंगालेगी। बताया जा रहा है कि सीबीआई टीम ने डिनर भी अंदर ही मंगवाया। उधर, इस बारे में जब उप महानिदेशक (कार्यक्रम) नॉर्थ जोन डा. ओम गौरी दत्त शर्मा से बात करनी चाही तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ चल रहा था। कार्यालय के टेलीफोन नंबर से किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।
यहां है गड़बड़झाले का अंदेशा
इस्तेमाल की प्राइवेट गाड़ी, बिल टैक्सी का
शिमला दूरदर्शन पर आरोप है कि यहां टूअर पर अधिकांश लोग अपनी निजी कार का इस्तेमाल करते हैं और बाद में बिल टैक्सी का क्लेम करते हैं। उन्हें टैक्सी के बिल पर भुगतान किया जाता है। सीबीआई टीम टैक्सियोें के बिलों को वेरिफाई करेगी।
आरोप -2
शिमला दूरदर्शन पर आरोप है कि आर्टिस्टों के मेकअप करवाने के नाम पर फर्जी बिल तैयार किए जा रहे हैं। केवल दस्तावेजों में ब्यूटीशियन के साथ अनुबंध कर रखा है। उसे आज तक शिमला दूरदर्शन कार्यालय में किसी ने नहीं देखा। निजी मेकअप के लिए ब्यूटीशियन का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी एवज में भारी भरकम भुगतान सरकारी खजाने से हो रहा है। इन आरोपों की जांच भी सीबीआई कर रही है।
आरोप -3
स्टिंगर को हर महीने दो पदों का भुगतान
अनुबंध पर रखे स्टिंगर के नाम पर जमकर धांधली हो रही है। ऐसे कई उदाहरण होने का दावा किया जा रहा है कि जिसमें अनुबंध पर रखे जाने वाले स्टिंगर को उसके पद के मुताबिक हर माह करीब 20 हजार मानदेय दिया जा रहा है। साथ ही उसी स्टिंगर को दूसरा पद एएनई का भी दिया गया है। इसके लिए उसे करीब 20 हजार का और भुगतान किया जा रहा है।
न्यूज सेक्शन में भी स्टिंगर को दो-दो पद दिए गए हैं। इनमें एक पद के लिए करीब 23 हजार और दूसरे पद के लिए करीब 20 हजार का भुगतान किया जा रहा है।