बढ़ सकती हैं वीरभद्र की मुश्किलें, सीबीआई पहुंची सुप्रीम कोर्ट
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूछताछ करना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सीबीआई ने मामले पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई है।
इस याचिका में सीबीआई ने गत एक अक्तूबर के हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी की अंतरिम संरक्षण देते हुए संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई की ओर से दाखिल याचिका पर दशहरे की छुट्टी के बाद 26 अक्तूबर को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
हाईकोर्ट ने सुनाया था ये फैसला
सीबीआई की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल पीएस पटवालिया ने वीरवार को चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के कारण इस मामले में जांच प्रक्रिया थम गई है। उन्होंने कहा कि गत एक अक्तूबर को हाईकोर्ट ने न केवल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई है बल्कि चार्जशीट दाखिल करने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
इससे पहले वीरभद्र सिंह ने घर पर हुई सीबीआई की छापेमारी को गलत मंशा और राजनीतिक साजिश बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री की याचिका को स्वीकार करते हुए सीबीआई से कहा था कि वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी से पूछताछ करने से पहले अदालत को इसकी जानकारी देनी होगी। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। हालांकि, अदालत ने मामले की जांच जारी रखने के आदेश दिए थे।