कार हाईजैक केस: गलत सूचना देकर सवालों में घिरी दिल्ली पुलिस
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हिमाचल से मिले इनपुट और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दिल्ली पुलिस ने ट्विटर पर देश भर में जो एलर्ट जारी किया वह सवालों के घेरे में आ गया है। इस अलर्ट में दिल्ली पुलिस का दावा है कि टैक्सी पठानकोट में किराए पर ली गई।
जबकि हकीकत ये है कि संदिग्धों ने ये टैक्सी हिमाचल के गगल में किराए पर ली थी। टैक्सी ड्राइवर भी गगल का रहने वाला है और पुलिस के पास टैक्सी किराए पर लेने के वक्त की सीसीटीवी फुटेज भी है। आतंकी मामलों में इस तरह की चूक उम्मीद नहीं की जा सकती।
टैक्सी चालक की लाश मिलने के बाद हिमाचल पुलिस के इनपुट पर देश भर की पुलिस व खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गईं। लेकिन अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट में दिल्ली पुलिस लोगों को गलत जानकारी दे रही है।
पुलिस दे रही गलत जानकारी
ट्विटर एकांउट में दिल्ली पुलिस ने हिमाचल के गगल से किराए पर ली गई कार को पठानकोट से हाईजैक होना बताया है। यह तब है जब केंद्रीय जांच एजेंसियां और हिमाचल पुलिस की जांच इस बात पर अटकी है कि गाड़ी को भले ही पठानकोट के लिए किराए पर ली गई लेकिन पठानकोट पहुंचने से पहले ही संदिग्धों ने ड्राइवर को मार डाला।
चालक की लाश भी हिमाचल के बार्डर एरिया में मिली। सूत्र बताते हैं कि ये टैक्सी उस वक्त पठानकोट की तरफ गई ही नहीं। क्योंकि उस रास्ते में पड़ने वाले टोल टैक्स प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में यह आल्टो नहीं दिखी। यही नहीं, मामले में एफआईआर भी कांगड़ा जिले में दर्ज हुआ है।
ऐसे में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया में गलत सूचना देकर दिल्ली पुलिस की गंभीरता पर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में एडीजी लॉ एंड आर्डर संजय कुंडू ने कहा कि उन्होंने सेंट्रल एजेंसियों को पूरी और सही जानकारी दे दी थी। अब दिल्ली पुलिस पठानकोट से कार हाईजैक होने की बात कैसे कह रही है यह उनकी समझ से परे है।