विस चुनावः बैंकों से राशि की निकासी पर रहेगी निर्वाचन आयोग की पैनी नजर
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निर्वाचन व्यय निगरानी को लेकर शनिवार को बैंकर्स तथा डाकघर के अधिकारियों की बैठक निर्वाचन कार्यालय में हुई। इसकी अध्यक्षता संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी विकास सूद ने की।
सूद ने चुनावों के दौरान बैंकर्स तथा अधिकारियों को एक लाख से अधिक की असाधारण तथा संदेहास्पद नकदी निकासी या नकद जमा करने पर दैनिक रिपोर्ट देने को कहा।
रिपोर्ट में एक लाख से अधिक की असामान्य और संदेहास्पद आरटीजीएस, उम्मीदवार या उसके आश्रितों की ओर से बैंक खाते से एक लाख से ज्यादा की नकद निकासी या नकदी जमा करना, राजनीतिक दल के बैंक खाते में एक लाख से अधिक की असामान्य या अन्य संदेहास्पद नकदी लेन-देन जिसके माध्यम से मतदाताओं को प्रलोभन दिया जाए, उसकी सूचना प्रदेश के संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी।
10 लाख निकासी के लिए से रहेगी शर्त
विकास सूद ने कहा कि 10 लाख से अधिक के लेन-देन की सूचना भी जिला निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी। बैंक सुनिश्चित करें कि आउटसोर्स, कंपनियों की नकद वैनों में बैंकों की ओर से जारी नकदी की जानकारी के दस्तावेज हों।
नकदी वैन में बैंक के अतिरिक्त किसी तीसरे पक्ष के व्यक्तियों की नकदी न हो। वैन के साथ आउटसोर्स कंपनियों के कर्मियों के पास संबंधित एजेंसी के पहचान पत्र होने चाहिए। उम्मीदवार को नामांकन पत्र भरने से कम से कम एक दिन पहले चुनाव व्यय के लिए विशेष बैंक खाता खोलना होगा।
खाता उम्मीदवार के नाम पर या चुनाव एजेंट के साथ संयुक्त रूप से खोला जा सकता है। बैंक खाता उम्मीदवार के परिवार के किसी सदस्य या अन्य किसी व्यक्ति जो चुनाव एजेंट न हो, के साथ संयुक्त रूप से नहीं खोला जाना चाहिए। बैंक खाता प्रदेश में किसी भी स्थान पर खोला जा सकता है। मौजूदा बैंक खाते चुनाव के लिए प्रयोग नहीं किए जा सकते।