प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने को एक लाख देगी सरकार, ये शर्तें करनी होंगी पूरी
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प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए प्रदेश सरकार मेधावी विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की मदद देगी। मेधा प्रोत्साहन योजना के तहत स्कूल और कॉलेजों के 350 और विश्वविद्यालय के 150 विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। सालाना 2.50 लाख आय वाले परिवारों के विद्यार्थी इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे। पात्र विद्यार्थियों को जिला उपनिदेशकों के पास आवेदन करना होगा।
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रेजुएशन कर रहे 350 छात्रों और पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे 150 छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। अंडर ग्रेजुएशन में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के 75 फीसदी अंक और आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के 65 फीसदी अंक होने चाहिए। पोस्ट ग्रेजुएशन में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के 50 फीसदी और आरक्षित वर्ग के 45 फीसदी अंक होने चाहिए।
पांच करोड़ के बजट प्रावधान के साथ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस योजना को शुरू करने की अपने पहले बजट भाषण में घोषणा की थी। मेधा प्रोत्साहन योजना के तहत जमा दो के विद्यार्थियों को जेईई मेन और नीट तथा उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के लिए कोचिंग दिलाई जाएगी। कॉलेज स्टूडेंट्स को रोजगार आधारित प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सिविल सेवा की तैयारियों के लिए कोचिंग दिलाई जाएगी।
मेधा प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य में या राज्य से बाहर कोचिंग के लिए सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। मंत्रिमंडल ने हिमाचल के मेधावी विद्यार्थियों को संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग की ओर से आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए मेधा प्रोत्साहन योजना को शुरू करने का निर्णय लिया। योजना के तहत सीएलएटी, एनईईटी, आईआईटी, जेईई, एम्स, एएफएमसी, एनडीए आदि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग सुविधा दी जाएगी।