औषधीय पौधों की खेती के लिए जागरूक होंगे किसान-बागवान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश में औषधीय पौधों से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में राज्य औषधीय पादप बोर्ड का गठन किया गया है। राज्य आयुर्वेद विभाग के निदेशक संजीव भटनागर ने बताया कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की तर्ज पर ही इस बोर्ड का गठन किया गया है।
बोर्ड की मदद से किसानों बागवानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है जिससे न केवल उनकी आर्थिकी मजबूत होगी बल्कि आयुर्वेद औषधियां तैयार करने के लिये इन पौधों की सुगम उपलब्धता होगी। इन पौधों की खेती के लिए किसानों को राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है जिसके लिए किसानों के कलस्टर बनाए जा रहे हैं।
केंद्रीय औषधीय पादप बोर्ड की तर्ज पर सूबे में गठित किया राज्य बोर्ड
बताया कि वित्तीय सहायता का लाभ लेने के लिए किसानों के कलस्टर के पास कम से कम दो हेक्टेयर भूमि होना अनिवार्य है। बताया कि विभिन्न कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रदेश को बजट जारी किया गया है। इसके अलावा 64 लाख रुपये का एक प्रस्ताव औषधीय पौधों की खेती के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।
साथ ही आयुष मंत्रालय के राष्ट्रीय औषधीय पौधे बोर्ड ने जोगिंद्रनगर में क्षेत्रीय एवं सुविधा केंद्र की स्थापना के लिए 748 लाख रुपये के अनुदान को स्वीकृति प्रदान की है। बताया कि अलग अलग क्षेत्रों में होने वाली औषधीय पौधों की पैदावार को और बढ़ाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।