नशे के खिलाफ मुहिम, साइकिल पर तय किया दो लाख किमी सफर
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नशे के कारण मामा की मौत के बाद बंगलूरू से जनवरी 2008 में घर से निकले 55 वर्षीय महादेव रूडी उर्फ अमनदीप सिंह खालसा ने आखिरी सांस तक नशे के खिलाफ लड़ने का संकल्प लिया है। नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करते हुए साइकिल पर अमनदीप सिंह अब तक 25 राज्यों में करीब दो लाख किमी का सफर कर चुके हैं। बुधवार को वे बिलासपुर पहुंचे। यहां से वीरवार सुबह को अमृतसर के लिए रवाना होंगे। अमनदीप यात्रा पूरी करने के बाद अब घर लौटेंगे।
बिलासपुर पहुंचने पर अमनदीप ने बताया कि नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करना उनका मकसद है। अमनदीप ने बताया कि वह बंगलूरू के गांव चिक्का तिरुपति के रहने वाले हैं। उनका बचपन अपने मामा के साथ बीता। मामा को नशे की लत लग गई थी। इससे उनकी मौत हो गई।
इसके बाद उन्होंने नशे के खिलाफ अलख जगाने की मुहिम शुरू की है। प्रतिदिन 80 से 100 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। यात्रा के अलावा उन्होंने सोशल साइट पर भी नशे के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। यात्रा के दौरान 6 साइकिलें, 37 टायर तथा 17 ट्यूबें बदल चुके हैं।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाने का दावा
अमनदीप ने बताया कि पहली जनवरी 2008 से लेकर अब तब दो लाख किलोमीटर साइकिल पर यात्रा कर चुके हैं। 2007 में मुंबई में गिनीज बुक ऑफ रिकार्ड की टीम से मुलाकात हुई थी।
उन्होंने दावा किया कि गिनीज बुक में रिकॉर्ड में दर्ज अमरीका के जान विल्सन के एक लाख 25 हजार किलोमीटर साइकिल पर सफर करने का रिकार्ड तोड़ दिया है।
बेटी की शादी में नहीं जा पाए- अमनदीप ने बताया कि 15 जून 2012 को उनकी बेटी की शादी थी। उस समय वह पश्चिम बंगाल में थे। इस कारण वह अपनी बेटी के शादी समारोह में भी उपस्थित नहीं हो सके।