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Shimla News: ब्योलिया बना नई कलस्टर प्रणाली को शुरू करने वाला पहला स्कूल
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उपनिदेशक निशा भलूनी ने किया स्कूल का शुभारंभ
प्राथमिक के सभी विद्यार्थी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्योलिया नई परिसर प्रणाली ( कलस्टर सिस्टम) लागू करने वाला जिला शिमला का पहला स्कूल बन गया है। स्कूल में सोमवार से नई परिसर प्रणाली शुरू हो गई है। उपशिक्षा निदेशक (प्रारंभिक) निशा भलूनी ने स्कूल में नए कलस्टर सिस्टम का शुभारंभ किया।
इस प्राइमरी स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई कर रहे 28 छात्र-छात्राओं को विधिवत रूप से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्योलिया के परिसर में स्थानांतरित किया गया। अब स्कूल में पहली से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यार्थी एक साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर सभी शिक्षक, प्राथमिक और वरिष्ठ विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान और सदस्य शामिल हुए।
उप-शिक्षा निदेशक निशा भलूनी ने सभी बच्चों एवं अध्यापकों को विद्यालय में कलस्टर प्रणाली को सफल बनाने के लिए निर्देश दिए और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने बताया कि एसएमसी प्रधान मीना चंदेल और सुनील कुमार ने स्कूल में नई कलस्टर प्रणाली लागू करवाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया है। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रधानाचार्य निशा शर्मा ने उप-शिक्षा निदेशक का धन्यवाद किया एवं अपने कलस्टर प्रणाली को सफल बनाने हेतु अपने एवं शिक्षकों द्वारा पूर्ण प्रयास करने का आश्वासन उप-शिक्षा निदेशक दिया।
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कोट
ब्योलिया में सोमवार को नई परिसर प्रणाली शुरू की गई है। स्कूल में अब पहली से लेकर दसवीं तक की कक्षाएं एक परिसर में लगेगी। ब्योलिया पूरी तरह कलस्टर सिस्टम लागू करने वाला पहला स्कूल बन गया है।
-निशा भलूनी, उप शिक्षा निदेशक (प्रारंभिक) शिमला
अब एक ही नाम से चलेंगे हाई और प्राथमिक स्कूल
इसके तहत वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में नजदीक के प्राथमिक, मिडल और उच्च विद्यालय का एक ही कांप्लेक्स (कलस्टर) बनेगा जो वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के अधीन होगा। इससे पहले प्राथमिक स्कूलों के अपने अलग कलस्टर होते थे। अब स्कूल का नाम भी एक ही होगा और इसी तहत प्राथमिक स्कूल चलेंगे। वहीं दूसरी तरफ शिक्षक संघ इसका विरोध भी कर रहे हैं। संघों का कहना है कि इससे प्राथमिक स्कूलों के हेडमास्टर के पद खत्म हो जाएंगे।
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प्राथमिक के सभी विद्यार्थी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में शिफ्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्योलिया नई परिसर प्रणाली ( कलस्टर सिस्टम) लागू करने वाला जिला शिमला का पहला स्कूल बन गया है। स्कूल में सोमवार से नई परिसर प्रणाली शुरू हो गई है। उपशिक्षा निदेशक (प्रारंभिक) निशा भलूनी ने स्कूल में नए कलस्टर सिस्टम का शुभारंभ किया।
इस प्राइमरी स्कूल में पहली से पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई कर रहे 28 छात्र-छात्राओं को विधिवत रूप से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ब्योलिया के परिसर में स्थानांतरित किया गया। अब स्कूल में पहली से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यार्थी एक साथ शिक्षा ग्रहण करेंगे। इस अवसर पर सभी शिक्षक, प्राथमिक और वरिष्ठ विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान और सदस्य शामिल हुए।
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उप-शिक्षा निदेशक निशा भलूनी ने सभी बच्चों एवं अध्यापकों को विद्यालय में कलस्टर प्रणाली को सफल बनाने के लिए निर्देश दिए और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने बताया कि एसएमसी प्रधान मीना चंदेल और सुनील कुमार ने स्कूल में नई कलस्टर प्रणाली लागू करवाने में महत्वपूर्ण सहयोग किया है। कार्यक्रम के अंत में स्कूल प्रधानाचार्य निशा शर्मा ने उप-शिक्षा निदेशक का धन्यवाद किया एवं अपने कलस्टर प्रणाली को सफल बनाने हेतु अपने एवं शिक्षकों द्वारा पूर्ण प्रयास करने का आश्वासन उप-शिक्षा निदेशक दिया।
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कोट
ब्योलिया में सोमवार को नई परिसर प्रणाली शुरू की गई है। स्कूल में अब पहली से लेकर दसवीं तक की कक्षाएं एक परिसर में लगेगी। ब्योलिया पूरी तरह कलस्टर सिस्टम लागू करने वाला पहला स्कूल बन गया है।
-निशा भलूनी, उप शिक्षा निदेशक (प्रारंभिक) शिमला
अब एक ही नाम से चलेंगे हाई और प्राथमिक स्कूल
इसके तहत वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं में नजदीक के प्राथमिक, मिडल और उच्च विद्यालय का एक ही कांप्लेक्स (कलस्टर) बनेगा जो वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के अधीन होगा। इससे पहले प्राथमिक स्कूलों के अपने अलग कलस्टर होते थे। अब स्कूल का नाम भी एक ही होगा और इसी तहत प्राथमिक स्कूल चलेंगे। वहीं दूसरी तरफ शिक्षक संघ इसका विरोध भी कर रहे हैं। संघों का कहना है कि इससे प्राथमिक स्कूलों के हेडमास्टर के पद खत्म हो जाएंगे।