उपचुनाव: प्रतिभा सिंह बोलीं- मजबूर नहीं, मजबूत हूं मैं, महंगाई से जनता त्रस्त
प्रतिभा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री क्षेत्रवाद के आधार पर वोट मांग रहे हैं, जबकि वीरभद्र सिंह ने समूचे प्रदेश का एक परिवार की तरह विकास करवाया है। मुख्यमंत्री चार साल से हवा में उड़ रहे हैं, जबकि सड़कों की हालत खस्ता है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई की मार से आम जनता त्रस्त है।
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी और निरमंड में जनसभा को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और मंडी संसदीय क्षेत्र की कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने समूचे क्षेत्र का विकास किया है, उन सभी कामों को याद रखते हुए तथा कांग्रेस की ओर से किए गए विकास के आधार पर उन्हें अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उन्हें मजबूर प्रत्याशी कहते हैं। कहा कि वह मजबूर, नहीं मजबूत हैं। उन्होंने जनता से उनके पक्ष में मतदान की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री क्षेत्रवाद के आधार पर वोट मांग रहे हैं, जबकि वीरभद्र सिंह ने समूचे प्रदेश का एक परिवार की तरह विकास करवाया है। मुख्यमंत्री चार साल से हवा में उड़ रहे हैं, जबकि सड़कों की हालत खस्ता है। उन्होंने कहा कि आज महंगाई की मार से आम जनता त्रस्त है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहती थीं। लोगों ने उन्हें कहा कि वीरभद्र सिंह उनके लिए राजा तुल्य थे। जनता के कहने से हाईकमान ने उन्हें टिकट दिया है।
आधा घंटा जाम में फंसीं प्रतिभा, कार्यकर्ताओं ने लगाए पुलिस के खिलाफ नारे
निरमंड से प्रतिभा सिंह जब आनी की ओर आ रही थीं तो आनी-नगान के बीच उनका काफिला करीब आधे घंटे तक जाम में फंसा रहा। आनी में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के इंतजार का सब्र टूटा और पुराने बस अड्डे में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब नगान-आनी के बीच जाम न लगा हो। अकसर यह समस्या पेश आती है, लेकिन कोई ठोस समाधान आज तक नहीं हुआ। ऐसे में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब पुलिस प्रशासन को सूचना थी कि प्रतिभा सिंह आनी आ रही हैं तो जाम की स्थिति बनने ही क्यों दी।
वीरभद्र को प्रणाम, पत्नी और बेटा दे रहे बचकाने बयान : टंडन
वहीं, भाजपा के प्रदेश सह प्रभारी संजय टंडन ने कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इस प्रदेश के सम्मानित नेता रहे हैं। उनको इस हैसियत से वह प्रणाम करते हैं। उनके नाम पर चुनाव लड़ने की बात करें तो इससे साफ है कि उनके जाने के बाद कांग्रेस के अंदर किस तरह से नेतृत्व का दिवालियापन पैदा हुआ है। जिस तरह बचकाने बयान उनकी धर्मपत्नी और बेटा तथा अन्य कांग्रेसी दे रहे हैं, यह उनकी अपरिपक्वता को दिखाता है। वीरभद्र परिपक्व नेता था, वह अगर आज जिंदा होते तो ऐसे बयान कभी नहीं आते।
शिमला में मंगलवार को पत्रकार वार्ता में टंडन ने वीरभद्र का नाम लिए बगैर कहा कि यहां मुख्यमंत्री रहते उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह चुनाव हार चुकी हैं। केंद्र में कांग्रेस की तरह हिमाचल प्रदेश में भी नेतृत्व का दिवालियापन है। केंद्र और हिमाचल में भाजपा की सरकार है तो सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल से हैं। प्रदेश की किसी भी चीज को वह नीचे नहीं होने देंगे। यहां से युवा नेता अनुराग ठाकुर भी केंद्रीय मंत्री हैं। यहां डबल स्क्वेयर इंजन काम करेगा।
महंगाई और बेरोजगारी पर गोल-मोल जवाब
शिमला में पत्रकारों ने सह प्रभारी संजय टंडन से महंगाई और बेरोजगारी पर सवाल पूछे तो इस पर वह गोल-मोल जवाब ही देते रहे।