फ्लड जोन में बना दिया बस अड्डा, गिरेगी गाज
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मंडी जिले के धर्मपुर में सोन खड्ड के किनारे बस अड्डा बनाने के मामले में तत्कालीन एसडीएम सरकाघाट, डीएफओ जोगिंद्रनगर और परिवहन निगम सरकाघाट के क्षेत्रीय प्रबंधक पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। इन्हीं अफसरों ने खड्ड के किनारे बस अड्डे की साइट को फाइनल करने के अलावा तीन मंजिला भवन बनवाया। बीते 8 अगस्त को सोन खड्ड का पानी बस स्टैंड में घुस गया था और काफी तबाही मचाई थी। इसके बाद सरकार ने जांच के आदेश दिए थे।
मंडलायुक्त से प्राप्त जांच रिपोर्ट राजस्व महकमे ने सरकार को सौंप दी है। इसमें बस अड्डा स्थान के चयन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उक्त स्थान को बस अड्डे के निर्माण के खिलाफ बताया है। स्थान का इतिहास बताता है कि हर बार बरसात होने पर वहां भारी मात्रा में पानी आता है। बाढ़ से संरक्षण को भी पुख्ता कदम नहीं उठाए गए। बस अड्डे की राजस्व किस्म भी गैर मुमकिन खड्ड है। संभावित है कि जल्द सरकार इस मामले पर कड़े कदम उठाएगी।
बस अड्डे के निर्माण पर खर्च हुए थे 268.95 लाख रुपये
सोन खड्ड में आई बाढ़ से हुए नुकसान का मामला विधानसभा में भी खूब गरमाया था। सरकार ने सत्र के दौरान धर्मपुर बस अड्डा निर्माण की जांच के आदेश दिए थे। करीब दो माह बाद राजस्व विभाग ने जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सोन खड्ड में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त धर्मपुर बस अड्डे में बाढ़ संरक्षण कार्य को नजरअंदाज किया गया। फ्लड जोन में बस अड्डे के निर्माण को मंजूरी दी गई।
पूर्व भाजपा सरकार के समय बस अड्डे के लिए जगह का चयन संयुक्त चयन कमेटी ने किया। इसमें तत्कालीन एसडीएम सरकाघाट, डीएफओ जोगिंद्रनगर, एचआरटीसी सरकाघाट के क्षेत्रीय प्रबंधक शामिल थे। बस अड्डा बनाने के लिए 268.95 लाख रुपये खर्च किए गए। अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व तरुण श्रीधर ने कहा कि धर्मपुर बस अड्डे के निर्माण की जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। सरकार ही इस मामले में आगामी कार्रवाई करेगी।