हिमाचल: पहले दिन 1004 रूटों पर दौड़ेंगी सरकारी बसें, सवारियों के रिस्पांस पर बढ़ेंगी संख्या
हिमाचल प्रदेश में 14 जून से बसें चलनी शुरू होंगी। कैबिनेट की हरीझंडी के बाद एचआरटीसी ने तैयारियां पूरी कर ली है।
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हिमाचल प्रदेश में सोमवार से करीब 1004 रूटों पर हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) बसें चलाने की तैयारी है। इसके बाद सवारियों का रिस्पांस देखकर एचआरटीसी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के भीतर बसें चलाने का फैसला लिया गया है। इसके लिए चालकों-परिचालकों से रविवार तक डिपो या अड्डा में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है।
निजी ऑपरेटरों की सहमति नहीं बनी तो एचआरटीसी बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रदेश में चलाए जाने वाले रूटों के हिसाब से चालकों-परिचालकों की रोटेशन में ड्यूटियां लगाई जाएंगी। सोमवार सुबह से 24 घंटे निगम की बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। बसों में सवारियों की ऑक्यूपेंसी जांचने के लिए इंस्पेक्टर फील्ड में सेवाएं देंगे। 50 फीसदी ऑक्यूपेंसी के साथ हिमाचल में बसें चलेंगी। बसों में मास्क पहनना अनिवार्य किया है। सवारियों के पास सैनिटाइजर होना जरूरी है।
तीन वाली सीट पर दो और 2 वाली सीट पर एक सवारी बैठेगी। परिवहन निगम के जीएम (ट्रैफिक) पंकज सिंघल ने बताया कि सभी आरएम से फायदे वाले रूटों पर बसें चलाने के लिए कहा गया है। सवारियों की संख्या बढ़ने के साथ बसें भी बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि निजी ऑपरेटरों ने बसें नहीं चलाई तो निगम की और बसें चलाई जाएंगी। परिवहन मंत्री बिक्रम ठाकुर ने बताया कि सोमवार से परिवहन सेवाएं शुरू की जा रही हैं। बाहरी राज्यों के लिए अभी बसें नहीं चलेंगी। परिवहन निगम पर कोरोना की बंदिशें लागू नहीं रहेंगी।
कहां, कितने रूटों पर चलेंगी बसें
शिमला में 225, मंडी 229 कांगड़ा 165, ऊना 25, सोलन 90, सिरमौर 80, बिलासपुर 30, कुल्लू 40, हमीरपुर 33, चंबा 40, किन्नौर 28 और लाहौल स्पीति में 19 रूटों पर बसें चलाई जाएंगी।
बसें चलाने के लिए बेनतीजा रही निजी आपरेटरों की बैठक
हिमाचल निजी बस ऑपरेटर संघ बसें चलाने को लेकर एकजुट नहीं है। कुछ ऑपरेटर बसें चलाने के हक में हैं तो कई बसें न चलाने पर अड़े हैं। ऑपरेटरों का कहना है कि 50 फीसदी पथकर और टोकन टैक्स माफ किया है। ऑपरेटर सौ फीसदी टैक्स माफ करने की मांग कर रहे हैं। शनिवार को आयोजित बैठक में इस बारे में कोई निर्णय नहीं हो पाया। अब ऑपरेटरों ने रविवार को दोपहर बाद 3 बजे बैठक बुलाई है। यह बैठक वर्चुअल होगी।
हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ की बैठक शनिवार को अध्यक्ष राजेश पराशर की अध्यक्षता में हुई। इसमें सभी जिलों की यूनियन ने भाग लिया। यूनियन के महासचिव रमेश कवल ने बताया कि बैठक में सभी जिला की यूनियन ने कैबिनेट में हुए फैसले पर नाराजगी जताई है। इस कारण बसें चलाने पर कोई निर्णय नहीं हो पाया है। अब सभी जिलों की यूनियन आपस में तय कर लें कि 14 जून से बसें चलानी है या नहीं। इसके बाद 13 जून को 3 बजे वर्चुअल माध्यम से एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जिलों की यूनियन की राय ली जाएगी और आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
ऊना में 13 को निजी बसों के संचालन पर फैसला
निजी बस ऑपरेटर अनदेखी के चलते प्रदेश सरकार से खफा हैं। हड़ताल में चल रहे निजी बस ऑपरेटर सोमवार से बसों के संचालन को लेकर कोई फैसला अभी तक नहीं ले पाए हैं। जिला ऊना की यूनियन की आपसी सलाह के बाद अब निर्णय लिया जाएगा। शनिवार को निजी बस ऑपरेटर संघ की वर्चुअल बैठक प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर की अध्यक्षता में हुई। इसमें विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, लेकिन निजी बसें चलाने को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ। अब वर्चुअल बैठक रविवार को होगी। इसमें अगली रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने कहा कि बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी जिलों की यूनियन आपस में तय कर लें कि 14 जून से बसें चलानी हैं या नहीं। इसके बाद 13 जून को तीन बजे वर्चुअल माध्यम से एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें सभी जिलों की यूनियन की राय ली जाएगी तथा आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। प्रदेशाध्यक्ष राजेश पराशर ने बताया कि सरकार की ओर से दी गईं रियायतें ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। निजी बस ऑपरेटर इन निर्णय से नाखुश हैं। कहा कि निजी बस ऑपरेटरों के हितों को लेकर सरकार कदम उठाए, ताकि कोरोना काल में बस ऑपरेटर राहत की सांस ले सकें।