क्या आपने पढ़ी बजट सत्र की ये दिलचस्प बातें?
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भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि वर्तमान सरकार स्कूलों पर स्कूल खोले जा रही है। जहां एक या दो बच्चे हैं, वहां भी स्कूल खोले जा रहे हैं। स्कूलों में शिक्षकों के बड़े पद खाली पड़े हैं। चाहिए लंगोटी और दी जा रही है टोपी।
इस पर सदन में खूब ठहाके लगे। इस पर भाजपा के एक विधायक ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह सरकार तो वहां भी स्कूल खोलेगी, जहां बच्चा पैदा होने वाला है। इस पर सीएम वीरभद्र सिंह खूब तल्ख हुए और दोनों ओर से नोक-झोंक की नौबत आ गई। वीरभद्र बोले कि बच्चों को घर-द्वार पर शिक्षा देने के लिए ही राज्य सरकार स्कूल खोलने को प्राथमिकता दे रही है।
स्पीकर पेड़ बचा रहे, भरमौरी साहब काट रहे हैं
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने मंगलवार को सदन में तंज किया, कहा - स्पीकर विधानसभा में ई-विधान को लागू कर पेड़ बचा रहे हैं और भरमौरी साहब पेड़ काट रहे हैं। यह पेड़ कटान उन्होंने अपने क्षेत्र से लेकर पता नहीं कहां-कहां तक किया है। इनके एक सीपीएस ने तो इस चिंता में इस्तीफा तक दे दिया।
लंबे सवालों पर आ रहीं शिकायतें
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा के सवाल के लंबा खिंचने के बीच स्पीकर बृज बिहारी बुटेल ने सदन में कहा कि कुछ सदस्यों ने यह शिकायत की है कि उनके सवाल आते ही नहीं हैं। दरअसल, अनुपूरक सवाल इतने लंबे खिंच रहे हैं कि इसी से अन्य विधायकों को प्रश्नकाल में सवाल पूछने का मौका नहीं मिल रहा है। एक ही सदस्य का सवाल इतना लंबा होगा, तो यह सही नहीं होगा।
ये आपकी गलतफहमी
विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि 14वें वित्त आयोग ने हिमाचल के लिए बजट में भरपूर बढ़ोतरी की है। इस पर वीरभद्र सिंह बोले - ये आपकी गलतफहमी है। रणधीर शर्मा को जब विधानसभा उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी ने कहा कि वह अपने सवाल को संक्षिप्त करें तो इस पर उन्होंने कहा कि कैसे करें, जब सीएम बार-बार उठकर जवाब दे रहे हैं। इस पर वीरभद्र सिंह ने तपाक से कहा - मैं मौके पर ही जवाब दे रहा हूं।
वेतन देने को ब्लॉकों से वापस मांग लिया बजट
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में कहा कि कर्मचारियों का वेतन देने के लिए ब्लॉकों को दिया गया बजट सरकार ने वापस मांग लिया है। सरकार की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब वेतन देने को भी पैसे नहीं हैं। विधायक प्राथमिकता, सांसद निधि से लेकर तमाम तरह का बजट वापस मांग लिया गया है। यह सही नहीं है। विकास का पैसा विकास पर ही खर्च किया जाना चाहिए।
रणधीर को फाइनेंस की जानकारी नहीं
ब्लॉकों से बजट वापसी को लेकर पत्रकारों के सवालों के जवाब में भोजनावकाश के समय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि विभागों और ट्रेजरी की आंतरिक अरेंजमेंट के बाद ही बजट का किसी भी तरह का प्रबंधन होता है। उन्होंने कहा कि रणधीर शर्मा को फाइनेंस की जानकारी नहीं है।
10 रुपये में चाय का एक कप
पूर्व शिक्षा मंत्री आईडी धीमान ने बजट को आंकड़ों का मायाजाल बताया। सरकार ने कंप्यूटर शिक्षकों को पालिसी बनाए जाने का वायदा किया था लेकिन बजट में ऐसा कुछ नहीं है। मात्र दिहाड़ी में 10 रुपये बढ़ाकर दिहाड़ीदारों को ठगने का काम किया है। इतने पैसे में चाय का एक प्याला आता है। एक बच्चे पर खोल दिया स्कूल, जानकारी दो, बंद कर दूंगा।
विधायक इंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने अपने बजट में जनता के साथ धोखा किया है। सड़कों की हालत दयनीय है, ऐसे स्थानों पर स्कूल खोले गए जहां जरूरत नहीं है। हालत यह है कि एक छात्र पर भी सरकार ने स्कूल खोल दिया है। इस बीच मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अगर उनके पास ऐसी जानकारी है तो वे बताएं, स्कूल तुरंत बंद किए जाएंगे।