Budget 2024: हिमाचल में आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए बजट में मदद का एलान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को वित्त बजट 2024-25 पेश कर दिया। बजट में आम लोगों और खासकर हिमाचल को क्या मिला आइए विस्तार से जानते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश को पिछले साल बरसात में आई आपदा और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए केंद्रीय बजट में वित्तीय मदद जारी करने का एलान किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वार्षिक बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि गत वर्ष बाढ़ के कारण हिमाचल प्रदेश को भारी नुकसान हुआ था। इसलिए केंद्र सरकार बहुपक्षीय विकास सहायता के माध्यम से राज्य को पुनर्निर्माण और पुनर्वास के लिए सहायता प्रदान करेगी। इसमें आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों-पुलों भवनों आदि के निर्माण में भी मदद मिलेगी, वहीं आपदा में नुकसान उठाने वाले लोगों को भी इसका लाभ होगा।
निर्मला सीतारमण ने असम, उत्तराखंड और सिक्किम में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन से पूरे राज्य में तबाही मचने पर सहायता प्रदान करने की घोषणा के साथ हिमाचल प्रदेश को भी केंद्रीय मदद देने की बात की। यह उल्लेखनीय है कि पिछले साल बरसात में आई आपदा के दौरान हिमाचल प्रदेश में भारी तबाही हुई थी। राज्य सरकार ने इसकी भरपाई के लिए करीब नौ हजार करोड़ रुपये की सहायता देने की केंद्र सरकार से मांग की थी। इसके लिए विशेष राहत पैकेज भी मांगा गया और इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग भी कही थी।
नुकसान का जायजा लेने राज्य के दौरे पर आई केंद्रीय टीम ने भी करीब 3000 करोड़ रुपये के नुकसान का प्रारंभिक आकलन कर केंद्र सरकार को दिया था। इसे केंद्रीय राहत मैनुअल के दौरान तैयार किया गया था। प्रदेश सरकार इस मामले को भी उठाती रही कि केंद्र सरकार के आपदा राहत मैनुअल के हिसाब से सही आकलन नहीं हो रहा है। केंद्रीय बजट में यह तो साफ नहीं किया गया है कि राज्य सरकार को वास्तव में कितनी मदद मिलेगी, मगर हिमाचल प्रदेश सरकार के पास केंद्र से नुकसान की भरपाई करने के लिए मदद लेने का एक अच्छा अवसर मिल गया है।
छोटे उद्योगों को रियायती ऋण देने, इलेक्टि्रक गाड़ियां सस्ती होने का भी होगा लाभ
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के लिए केंद्रीय बजट में रियायती ऋण देने की बात की गई है, जिसका लाभ हिमाचल प्रदेश के उद्योगों को हो सकता है। सौर ऊर्जा से घर-घर बिजली पहुंचाने की योजना का भी प्रदेश के लोगों को लाभ होगा। इलेक्टि्रक गाड़ियां, लीथियम बैटरी सस्ती करने, चमड़े से बने सामान, सोना-तांबा, मोबाइल फोन आदि सस्ता होने का भी प्रदेश को फायदा होगा। कोल्ड स्टोरेज की सुविधाओं के लिए भी लाभ मिलने की बात की गई है। आयकर में भी एक वर्ग को रियायत और राहत का हिमाचल प्रदेश में भी लाभ होगा।
रेल मार्गों, हवाई सेवाओं को लाभ न मिलने से हुई निराशा
केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए रेल मार्गों, हवाई सेवाओं आदि पर स्थिति स्पष्ट न होने से राज्य के हाथ निराशा लगी है। राज्य सरकार ने भानुपल्ली-बिलासपुर रेल लाइन को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित करने की मांग की थी। अन्य रेल लाइनों के लिए भी बजट मांगा था। इसके अलावा हवाई अड्डा विस्तारीकरण का मामला भी उठाया गया था। स्वास्थ्य, पर्यटन आदि से संबंधित ढांचों के विस्तार के लिए भी मदद मांगी थी, मगर इस संबंध में भी केंद्रीय बजट में कोई बात नहीं की गई।
सभी वर्गों के सशक्तीकरण का साधन है यह बजट : जयराम
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट विकसित भारत के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर है। इस बजट में सरकार ने सभी वर्गों के सशक्तीकरण के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल में आपदा की वजह से हुए नुकसान के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार की ओर से दिया गया सहयोग आपदा के बाद से राहत का इंतजार कर रहे लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। आपदाग्रस्त क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र की ओर से सहयोग करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार जताया।