फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   BSP leader murder Ruckus in IGMC Shimla

आईजीएमसी में हंगामा, बारिश के बीच पांच घंटे तक रिज पर शव लेकर बैठे रहे परिजन

Mon, 10 Sep 2018 11:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Updated Mon, 10 Sep 2018 11:40 AM IST
विज्ञापन
BSP leader murder Ruckus in IGMC Shimla

शिलाई के बसपा नेता केदार सिंह जिंदान की स्कार्पियो से कुचलकर हत्या के मामले में परिजनों ने आईजीएमसी की फोरेंसिक लैब के बाहर देर रात एक बजे तक खूब हंगामा किया। इसके बाद परिजन, माकपा विधायक और सैकड़ों लोग शव लेकर शिमला में रिज मैदान पर आ गए।

विज्ञापन


यहां काफी देर तक शव महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने रखा। बारिश में रेन शेल्टर की शरण ली। रविवार सुबह छह बजे तक रिज पर लोग डटे रहे। डीआईजी, उपायुक्त और एसपी शिमला भी मौके पर पहुंच गए।
विज्ञापन


तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सुबह छह बजे के बाद विधायक राकेश सिंघा और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के बीच वार्ता हुई। मंत्री ने मांगें पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर शिलाई रवाना हुए। परिजनों और माकपा नेताओं का आरोप था कि पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव की शिनाख्त नहीं करवाई और शव ले जाने लगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

BSP leader murder Ruckus in IGMC Shimla

विधायक राकेश सिंघा ने बताया कि सरकार और पुलिस प्रशासन की ओर से आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई न करने के चलते रोष है। डीवाईएफआई के जिला सह सचिव अशोक ठाकुर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद पुलिस अचानक शव ले जा रही थी। परिजनों के दबाव के बाद शव सौंपा गया।

मंत्री से बसपा नेता की पत्नी को नौकरी, बच्चों की मुफ्त शिक्षा, परिवार को बीस लाख रुपये देने के अलावा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। जिला सह सचिव अशोक ठाकुर ने बताया कि मंत्री ने उनकी मांगें मान ली हैं।

पत्नी को पेंशन, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, 8.25 लाख का प्रावधान

BSP leader murder Ruckus in IGMC Shimla
हिमाचल प्रदेश सरकार

बसपा नेता के परिजनों, माकपा विधायक, शिक्षा मंत्री और शिमला के डीसी, एसपी की मौजूदगी में मामला शांत हुआ। इसमें सरकार और जिला प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि एससी-एसटी एक्ट के अनुसार पीडि़त परिवार को राहत दी जाएगी।

सिरमौर के जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा ने बताया कि एससी-एसटी एक्ट के अनुसार इस मामले में पीडि़त परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पत्नी को पेंशन और लगभग 8.25 लाख के नकद मुआवजे का प्रावधान है। पीडि़त के बच्चों को निशुल्क शिक्षा भी मिलेगी।

उधर, उपायुक्त ललित जैन ने बताया कि पीडि़त को एससी एसटी एक्ट के प्रावधानों के अनुसार तमाम सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। यदि परिवार को राशन आदि की जरूरत है तो प्रशासन कुछ महीने का राशन भी दे सकता है। उन्होंने कहा कि पीडि़त के अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपये अलग से जारी किए हैं।
 
‘रात को हुए सारे हंगामे के बाद माकपा नेता राकेश सिंघा ने परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग उठाई। पत्नी को नौकरी और बच्चों को पढ़ाने की भी बात उठाई गई। अगर ऐसे मामलों में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से जुडे़ कानून में बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का प्रावधान होगा और पत्नी को नौकरी देने की बात होगी तो वह सब भी किया जाएगा। मुआवजा भी देंगे। यह भी मांग उठाई गई कि इस मामले में सीबीआई जांच की जाए। हमने उन्हें कहा है कि अपराधियों के पकड़े जाने से मतलब है। उन्हें हम पकड़वा देंगे।’ - सुरेश भारद्वाज, शिक्षा मंत्री, हिमाचल सरकार। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed