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Himachal News: एनएच में भूस्खलन रोकने के लिए बीआरओ और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड देगा सुझाव
Tue, 26 Sep 2023 09:50 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 26 Sep 2023 09:50 AM IST
सार
प्रदेश के राजमार्गों में भूस्खलन को रोकने के लिए बीआरओ और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड सुझाव देंगे। केंद्र सरकार ने इन्हें हाई पावर कमेटी में शामिल किया है।
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हाईवे पर भूस्खलन(फाइल)
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश के राजमार्गों में भूस्खलन को रोकने के लिए बीआरओ और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड सुझाव देंगे। केंद्र सरकार ने इन्हें हाई पावर कमेटी में शामिल किया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचंद्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने कमेटी से जल्दी सुझाव देने की आशा जताई है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने बीआरओ और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को हाई पावर कमेटी में शामिल किए जाने की सराहना की। भविष्य में इस तरह की आपदा से निपटने के लिए अदालत ने कोर्ट मित्र से सुझाव आमंत्रित किए हैं।
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अदालत ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के बारे में भी सुझाव दिया जाए। इस अधिनियम में उपायुक्त को मलबे को हटाने संबंधी आदेश पारित करने के लिए सक्षम बनाया है। इसके अलावा अदालत ने पर्यावरण मंत्रालय को आदेश दिए हैं कि वह मलबे की डंपिंग के लिए तुरंत प्रभाव से मंजूरी दे, ताकि राजमार्गों में पड़े मलबे की डंपिंग की जा सके। मामले की सुनवाई 13 अक्तूबर को होगी।
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बता दें कि एनएच पर भूस्खलन को को लेकर इंजीनियर की शिकायत पर अदालत ने संज्ञान लिया था। ई. श्यामकांत धर्माधिकारी ने पत्र में आरोप लगाया है कि पहाड़ों के कटान से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। प्रदेश में त्रुटिपूर्ण इंजीनियरिंग से बनाई जा रही भूमिगत सुरंगें, सड़कें और पुलों से पहाड़ों का अनियोजित उत्खनन किया जा रहा है। सड़कों में ढलान और अवैज्ञानिक तरीके से पुल और सुरंगों का निर्माण किया जाना नुकसान का कारण बनता है। अदालत को बताया गया कि हालांकि इंजीनियरिंग के बिना राष्ट्र निर्माण की अपेक्षा नहीं की जा सकती है।
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