बड़ा खुलासा: ड्रग्स के लिए लड़कियां बनकर जिस्म का सौदा कर रहे युवक
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नशे की ललक ने कई लड़कों को भी देह व्यापार में उतार दिया है। वेश्यावृत्ति से इतर जिला में होमोसेक्सुअल का कारोबार फल फूल रहा है। देह व्यापार के इस अनैतिक कारोबार में कई नामी स्कूलों के छात्र भी फंस चुके हैं।
ये लड़कियों का रूप धारण कर एक धार्मिक स्थल के इर्द-गिर्द बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के सामने पेश हो रहे हैं। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक वैसे तो देह व्यापार का धंधा रूटीन में जारी है, लेकिन सप्ताह के एक विशेष दिन भारी भीड़ के चलते समलैंगिक सक्रिय हो जाते हैं।
जानकारी के मुताबिक कुछेक निजी और सरकारी स्कूलों के 15 से 17 साल तक के नाबालिग लड़के इस धंधे में झोंक दिए गए हैं और इसके पीछे चल रहा है ड्रग्स का काला कारोबार।
100 से 500 रुपए में हो रहा सौदा
बताया जाता है कि ड्रग की आपूर्ति के लिए यहां लड़के 100 से लेकर 500 रुपये और उससे अधिक रुपयों के लिए जिस्म का सौदा कर रहे हैं। इसमें कुछेक तो अपने स्तर पर जबकि कुछ गिरोह के इशारों पर इस धंधे में शामिल हैं। इनके ज्यादातर ग्राहक बाहरी राज्यों से आने वाले लोग हैं।
लड़कियों के नाम पर चल रहा धंधा
अधिकतर कम उम्र के लड़के ग्राहकों के समक्ष लड़की बनकर पेश हो रहे हैं। वे बाकायदा सूट या लहंगा के अलावा जींस-स्कर्ट पहनकर पूरी तरह से सजधज कर दुकानों के बाहर ग्राहक ढूंढते हैं। इन्होंने नाम भी लड़कियों के रखे हैं।
हालांकि, इन लड़कों को ज्यादा पैसे नहीं मिलते, लेकिन सूत्र बताते हैं कि अपनी कमाई से ये ड्रग की आपूर्ति कर रहे हैं। जिला में चरस, भुक्की, चिट्टा और हेरोइन तक की सप्लाई इन नशेड़ी लड़कों तक पहुंच रही है। बताया जाता है कि ये किशोर पंजाब आदि राज्यों से पहुंचने वाले उनके ग्राहकों के साथ भी नशे करते हैं।
युवक ने किया खुलासा, कुछ बड़े घरानों के लड़के भी शामिल
इस धंधे में संलिप्त एक लड़के ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि इस तरह का कारोबार चल रहा है। कुछेक छात्र सेक्सुअल ट्रांसमिशन डिजीज (एसटीडी) तक के शिकार हैं। वे शहर के कई एनजीओ से अपना इलाज करवाते हैं।
वहीं, एक एनजीओ संचालक ने बताया कि उनके पास ऐसे लड़के आते हैं, जिनको वे चिकित्सकीय सहायता मुहैया करवा रहे हैं। एसटीडी के शिकार छात्रों को इस तरह के काम में न लगने की सलाह दी जाती है।
बड़े घरों के लड़के भी शामिल
सूत्रों के मुताबिक इस धंधे में बाहरी राज्यों से आने वाले कई बड़े घरों के लड़के भी शामिल हैं। इनके संपर्क में आने के बाद जिला के कई किशोर इस धंधे में फंस गए हैं। इस धंधे के पीछे ड्रग्स की आपूर्ति के अलावा शानो-शौकत की जिंदगी बिताने की ललक भी शामिल है।
ऐसे लड़के लड़कियों का रूप धरकर महंगी गाड़ियों में यहां पहुंच रहे हैं। आमतौर पर यह कारोबार एक धार्मिक स्थल के साथ लगते खुले जंगल में चल रहा है। हालांकि, कुछेक निजी होटलों में भी यह धंधा पांव पसार रहा है।
Published By Ashok Chauhan