दृष्टि पत्र के कितने वायदे हुए पूरे, मुख्यमंत्री करेंगे समीक्षा
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लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे सरकार की प्राथमिकताएं भी बदलती जा रही हैं। अभी तक बजट पर फोकस करने वाली जयराम सरकार को अब विधानसभा चुनावों के दौरान जारी किए गए स्वर्णिम हिमाचल दृष्टिपत्र की याद आ गई है। दस महीने बाद सरकार दृष्टि पत्र में किए वायदों को लेकर हरकत में है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस महीने के अंत में एक समीक्षा बैठक बुलाई है। इसमें सरकार बनने से पहले किए गए वायदों और उनकी वर्तमान स्थिति पर मंथन होगा। इस दौरान बजट में जो वायदे पूरे नहीं हो सके, उन्हें भी नए साल के बजट में शामिल कर उनके लिए प्रावधान करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री के बैठक बुलाने के बाद विभागों ने भी दृष्टिपत्र पर अपनी दृष्टि डालनी शुरू कर दी है।
पिछले कुछ दिनों से शासन में बैठे आला अधिकारियों से लेकर निदेशालयों के अधिकारी अपने विभागों से संबंधित दृष्टिपत्र के वायदों को लेकर मंथन में जुटे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस बात पर खास जोर दिया है कि चुनावों से पहले दृष्टिपत्र में जो वायदे किए गए, उन्हें स्कीम और बजट के साथ जमीन पर उतारने का काम शुरू किया जाए, ताकि वायदे पूरे कर उनका विश्वास जीता जा सके।
यूं तो भाजपा ने सत्तासीन होने से पहले दृष्टिपत्र में भारी भरकम घोषणाएं की थीं, लेकिन अब देखना यह है कि सरकार में बैठने के बाद अब भाजपा खुद उनमें से कितनी को जमीन पर उतार पाती है और कितनी को खुद ही खारिज करती है।