40 नेताओं पर लगे घोटालों के आरोप, देखें भाजपा की पूरी चार्जशीट
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हिमाचल की सियासत शनिवार को धर्मशाला से लेकर शिमला तक गर्माई रही। सरकार ने चार साल पूरे होने का धर्मशाला में जश्न मनाकर अपनी उपलब्ध्यिां गिनाईं तो शिमला में प्रदेश भाजपा ने ‘सरकार में अली बाबा और चालीस चोर’ नाम से 75 पेज की चार्जशीट राज्यपाल आचार्य देवव्रत को सौंपी।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, बेटे विक्रमादित्य सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू, 10 मंत्रियों, 6 सीपीएस और 10 बोर्ड-निगम-बैंकों के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों समेत कुल 40 नेताओं और एक अफसर पर चार्जशीट में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
चार्जशीट में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल को छोड़कर सभी मंत्रियों को लपेटा है। आइए जानते हैं किस नेता के नाम भाजपा ने क्या घोटाला करने के आरोप लगाए हैं-
सीएम को बताया भ्रष्टाचार का संरक्षक, ये लगाए आरोप
भाजपा ने सीएम पर कई बड़े आरोप लगाए हैं। जैसे निजी मामलों की पैरवी के लिए एडवोकेट जनरल श्रवण डोगरा को लगाकर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग। निजी आवास हॉली लॉज में खुद रहने के बावजूद कागजों में एक हाइड्रो पावर कंपनी को किराए पर दे दिया। लाहौल स्पीति में हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए 25.69 करोड़ लिए बिना पर्यावरण क्लीयरेंस दे दी। हॉली लॉज में गेस्ट हाउस बनाने के लिए हरे पेड़ काटने की अनुमति देकर अनियमितता की। रामपुर में सीएम के नए होटल की पार्किंग के लिए नेशनल हाईवे पर अनाधिकृत पार्किंग बना ली।
सुरक्षा अधिकारी पदम ठाकुर की दो शादियों के आरोप के बावजूद गलत तरीके से प्रमोशन दिया। नियमों में विशेष छूट देकर बेटियों को सहकारी बैंकों में नियुक्ति और पत्नी को पुलिस विभाग में पदोन्नति दे दी। ब्रेकल कॉरपोरेशन पर 1800 करोड़ का जुर्माना माफ कर दिया और 200 करोड़ रुपये की अपफ्रंट मनी जब्त करने के बजाय लौटा दी। सोरंग हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को बनाने वाली कंपनी को प्रोजेक्ट विदेशी कंपनी को बेचने के लिए 20 करोड़ की अपफ्रंट मनी लिए बिना ही कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। पीडब्ल्यूडी में टेंडर हुए बिना ही काम होने, सड़कों के निर्माण एवं रखरखाव में घोटाले, सरकारी भवनों के निर्माण व रखरखाव में अनियमितता।
काम जल्द पूरा कराने के नाम पर ठियोग कोटखाई हाटकोटी रोहड़ू सड़क का ठेका चीनी कंपनी को देने के बाद निरस्त कर दो भागों में बांटकर चड्ढा एंड चड्ढा कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए दे दिया गया जबकि दो ठेकेदारों को दिया जाता तो काम जल्द पूरा होता। साल 2013-14, 2014-15 में पीडब्ल्यूडी के रोहड़ू, चौपाल, रामपुर मंडलों में बर्फ हटाने के नाम पर करोड़ों रुपये की लूट अपने चहेते ठेकेदारों से कराई। सरकार सीरामिक्स लिखने वाले बोर्ड की आपूर्ति, प्राथमिक, शिक्षा विभाग में डीजीएस एंड डी मापदंडों व बिना निरीक्षण करवा रही है। पंजाब की एक निजी कंपनी को इसका जिम्मा दिया है।
मुख्यमंत्री के दबाव में नियमों को ताक पर रखकर किरण ठाकुर को स्काउट एंड गाइड का ज्वाइंट स्टेट सेक्रेट्री बनाया गया। किरण के दसवीं के प्रमाणपत्र की जांच हो तो वह फर्जी निकलेगी। सरकारी सुविधा का लाभ खास को दिलाने और गोलमाल करने के लिए सरकार ने पर्यटन विकास बोर्ड का गठन किया। एडीबी से मिले प्रोजेक्ट के जरिये बोर्ड शिमला का सौंदर्यीकरण कर रहा है जिसमें हुई भर्ती अपने आप में घपला है। मंदिरों में भेदभाव, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार। सीएम भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट के आजीवन अध्यक्ष हैं। कुल्लू के रघुनाथ मंदिर को कब्जाने का प्रयास किया गया। जालपा माता मंदिर कांप्लेक्स के निर्माण में घोटाला।
विद्या स्टोक्स पर भी बड़े घोटाले करने के आरोप
आईपीएच में पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव के नाम पर घोटाला। सरकाघाट मंडल में 2011-12, 12-13 व 13-14 में जिलाधीश मंडी ने विभाग को पिछड़ी पंचायतों में पाइप लाइनें बिछाने के लिए दी थीं लेकिन वह नॉन बैकवर्ड एरिया में लगा दीं। रोहड़ू में कांग्रेस नेता के बेटे को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर फार्म में कटिंग।
शिकायत पर पुलिस की जांच में आरोप सही साबित हुए तो शिकायतकर्ता गोवर्धन सिंह को डराकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। बिलासपुर में विभाग की पाइप सर्किट हाउस में मिली, जिसकी शिकायत कांग्रेस नेता रामलाल ठाकुर ने खुद पत्रकारों के सामने की।
भाजपा का आरोप, कौल सिंह ने किए ये घोटाले
स्वास्थ्य विभाग ने जानकर एक निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए आईजीएमसी और आरपीजीएमसी टांडा में सरकारी मशीनें होने के बावजूद जांच का काम प्राइवेट कंपनी को दे दिया। टेक्निकल व अन्य कर्मियों को आउटसोर्सिंग आधार पर रखा। ऑक्सीजन गैस सिलेंडर सप्लाई के नाम पर भी घोटाला हुआ। टेंडर में जानकारी कुछ दी गई और प्रक्रिया कुछ और अपनाई गई।
पुराने तरीके से टेंडर किया, जिससे अच्छी कंपनियां पहुंच नहीं पाईं। महंगी गैस भी खरीदी जा रही है। आशा वर्करों की भर्ती में 1000 रुपये बतौर मानदेय देने की घोषणा हुई लेकिन जानकार नहीं दिया गया। प्रदेश में घटिया दवाओं की सप्लाई की गई। दवाओं के सैंपल हिमाचल की लैब में जांच में पास हो गए लेकिन बाहर की लैब में बड़ी संख्या में फेल हो गए
अस्पतालों में सफाई व डाइट के ठेके देने में भी जमकर भाई-भतीजावाद किया गया। नियमों को दरकिनार कर शिमला, मंडी में कर्मचारियों की भर्ती, राजस्व विभाग के अंतर्गत बद्दी क्षेत्र में जिस कंपनी को जमीन खरीदने की स्वीकृति देने से इनकार कर दिया गया, उसी कंपनी को सुबाथू सोलन सड़क पर 145 बीघा जमीन खरीदने की स्वीकृति दे दी गई।
जीएस बाली पर भी बड़े घोटाले करने के आरोप
परिवहन निगम ने जेएनएनयूआरएम के तहत 800 बसों की खरीद की। बसों की बॉडी का कार्य ऐसी कंपनी से कराया, जिसे पहाड़ी क्षेत्र के वाहन बनाने ही नहीं आते थे। जरूरत पूरा करने के लिए 19 लाख की बस खरीदी जा सकती थी लेकिन 38 लाख की बस खरीदी गई। ऊना डिपो से सैकड़ों टायर गायब हो गए और टायर घोटाले में संलिप्त आरएम पर केस नहीं किया गया। स्पेयर पार्ट और अन्य सामग्री भी गायब हो गई।
वैट लीज पर अपने चहेतों से वोल्वो और अन्य बसें ली जा रही हैं। सवारी न होने के बावजूद परिवहन निगम पूरी बस का किराया दे रहा है, जिसके चलते घाटा बढ़ रहा है। परिवहन निगम में कंडक्टर एवं अन्य कर्मचारी भर्ती करने के दौरान नियमों को नजरअंदाज किया गया। कई भर्ती रद्द हुई और कई भर्तियां कोर्ट में हैं। निगम कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों के लिए फ्री बस पास व्यवस्था की गई। लेकिन मंत्री पास अपने नौकरों और अपने विधानसभा क्षेत्र के चहेतों को दे रहे हैं।
कोटली बस अड्डे के निर्माण में अनियमितता की गई और बस अड्डे को अपनी जमीन तक लाने के लिए बीएसएम एंड डीए को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा चिड़गांव के बस अड्डे के नियमों को अनदेखा कर पब्बर नदी पर ही बनाया जा रहा है। टीएमपीए और यात्री सेवा वितरण कौशल विकास योजना में हुई भर्ती में भी भारी अनियमितता। एचआरटीसी के 26 पंप होने के बावजूद प्राइवेट पेट्रोल पंपों से डीजल भराने का फैसला लिया। निजी पंपों से करीब आठ करोड़ लीटर तेल डाला गया जबकि अब फिर से अपने पंपों से सिर्फ 1 करोड़ लीटर तेल ही डलवाया गया।
महात्मा गांधी वर्दी योजना के अंतर्गत स्कूल ड्रेस खरीदने में नियमों की अनदेखी। दाल खरीदने में कागजों में खेल हुआ और खरीद ज्यादा दिखाई गई जबकि सप्लाई कम हुई। सस्ती चीनी सप्लाई करने में खेल और उपभोक्ताओं को कम दाम वाली चीनी ज्यादा दाम में बेची गई। 522 रुपये क्विंटल नमक खरीदा गया लेकिन उसे 617 रुपये प्रति क्विंटल की दर से रकम चुकाई गई। इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला दिलाने के नाम पर भी जमकर खेल किया गया।
सुजान सिंह पठानिया को भी बताया भ्रष्ट, ये हैं आरोपों की लिस्ट
- कांग्रेस पार्टी ने एलईडी बल्ब खरीद और वितरण में भी जमकर घोटाला किया है। चीनी कंपनियों द्वारा बनाए गए एलईडी बल्ब लिए गए, जबकि भारतीय कंपनी के ही लेने थे। इसके अलावा महंगी दर पर बेचने का भी मामला सामने आया।
- सिरमौर में पुराने मीटर ठीक चलने के बावजूद नए मीटर खरीदे गए, जिसके चलते बिजली के बिल ज्यादा आने लगा और लोग परेशान हुए।
- प्रदेश में पैदा होने वाली बिजली को बेचने में भी खेल किया गया। जानकर सस्ती दरों पर बिजली का वितरण किया गया।
- कृषि विभाग में भू संरक्षण के नाम पर फंड का बेजा दुरुपयोग किया गया।
- ट्रेड मार्क की आड़ में किसानों को नकली बीज बेचा गया जिसके लिए मंत्री के साथ साथ यूपीएल कंपनी भी दोषी है।
- हिमाचल प्रदेश विपणन बोर्ड में नौणी यूनिवर्सिटी में निलंबित होने वाले सीनियर वैज्ञानिक डा एचएस बवेजा को एमडी बना दिया। इसके बाद विभिन्न तरह की अनियमितताएं हुईं।
ठाकुर सिंह भरमौरी को बताया वन माफिया के संरक्षक
- वन मंत्री ठाकुर सिंह ने फर्जी शपथ पत्र और झूठी सूचना देकर विधानसभा को बरगलाया।
- अपने पद का दुरुपयोग कर गरीब लोगों को धोखा देकर उनकी जमीनें सस्ते भाव में खरीदी।
- वनों में अवैध कटान के बावजूद किसी भी अपराधी पर कार्रवाई नहीं हुई। वन मंत्री के रिश्तेदारों का अवैध कटान में नाम सामने आ रहा है।
- डीएफओ बिलासपुर द्वारा 2015 में कराए गए 37 लाख के पौधारोपण की जांच कराई गई, जिसमें सामने आया कि जिस जगह को पौधे लगाने के लिए चुना गया था, वहां पहले से ही जंगल था। जांच समिति ने डीएफओ पर कार्रवाई की सिफारिश की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
- मिड हिमालयन प्रोजेक्ट में ऊंचे दामों और अनावश्यक सामान खरीदा गया। साथ ही जो निर्माण कार्य हुए, उनमें टेंडर प्रक्रिया में भी भारी अनियमितता बरती गई।
मुकेश, सुधीर समेत इन मंत्रियों पर घोटालों के आरोप, देखें लिस्ट
ये हैं मुकेश पर लगे आरोपों की लिस्ट
- प्रदेश में खुलेआम खनन हो रहा है लेकिन खनन विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। नूरपुर, बिलासपुर कांगड़ा, किन्नौर, रोहडू, नादौन, शिमला, ऊना, बीबीएन में खुलेआम अवैध खनन हो रहा है। बीबीएन में विधायक राम कुमार की देखरेख में अवैध खनन का धंधा फल फूल रहा है। एक पुलिस अफसर ने कार्रवाई की तो उसका तबादला कर दिया गया।
- मंत्री द्वारा ड्रग माफिया को संरक्षण दिया जा रहा है। ऊना के हरोली विधान सभा क्षेत्र में कई युवाओं की जान भी जा चुकी है। कांग्रेस के कार्यकर्ता खुलेआम नशे का व्यापार कर रहे हैं लेकिन मंत्री उन्हें बचाने को तैयार रहते हैं।
ये हैं सुधीर शर्मा पर लगे आरोपों की लिस्ट
- बिल्डरों के पंजीकरण के नाम पर जमकर खेल किया गया और उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए बैक डेट से लाइसेंस रिन्यू कर दिए गए। जस्टिस सूद की रिपोर्ट आने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
- सरकाघाट नगर परिषद, बीबीएनडीए, हिमुडा भ्रष्टाचार का अड्डा बन गए हैं। कांगड़ा में पैरा ग्लाइडिंग प्रतियोगिता के नाम पर उद्योगपतियों और व्यापारियों से धन लिया गया लेकिन पर्यटन विभाग को फर्जी बिल सौंप दिया गया।
- कथित रिश्तेदार विपन शर्मा ने मंत्री की शह पर पालमपुर में फर्जी शिक्षण संस्थान बनाकर बड़ा चाय बागानों की भूमि का चेंज आफ यूज करा लिया।
ये हैं प्रकाश चौधरी पर लगे आरोपों की लिस्ट
- फरवरी मार्च 2015 में शराब ठेकों की नीलामी करने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया, लेकिन कुछ ही समय में शराब नीति ही बदल दी गई।
- बिना टेंडर किए होलसेल लाइसेंस रिन्यू करने का फैसला कर लिया गया। टेंडर होने के बाद भ्रष्टाचार करने के लिए हिमाचल प्रदेश बीवरेजिज लिमिटेड कॉरपोरेशन बनाई गई। कारपोरेशन के जरिये अंग्रेजी और देशी शराब सप्लाई करने की बात कही गई।
- प्रदेश के बाटलिंग प्वाइंट पहले ही जरूरत से ज्यादा शराब बना रहे थे। इसके बावजूद दस नए बाटलिंग प्वाइंट स्वीकृत कर दिए गए। सूरज गुप्ता फैक्ट्री को फायदा पहुंचाने के लिए बीयर पर आयात शुल्क बढ़ा दिया गया और फिर जीआईसी को संसारपुर टैरेस स्थित फैक्ट्री से ईएनए खरीदने के आदेश जारी किए।
अनिल शर्मा के पास है आय से अधिक संपत्ति
- मंत्री अनिल शर्मा ने विधानसभा चुनाव के दौरान हलफनामा देकर मंडी स्थित होटल पांच साल से बंद होटल, सूरत में 1970 में लगाए सेब के बगीचे से करोड़ों रुपये की आमदनी दर्शाई है।
- तीन मंजिल की मंजूरी होने के बावजूद मंत्री ने अपने होटल मैफेयर को छह मंजिल तक बना लिया। विजिलेंस द्वारा जांच के बावजूद जांच से बचने के लिए होटल का नाम बदलकर रिजेंट पाम रख दिया।
- मंडी के राजमहल जमीन के सौदे में मंत्री के खाते से लाखों रुपये संजय कुमार को भेजे गए। बेनामी सौदा खूब राम के नाम से हुआ जिसका सूत्रधार संजय था।
- पशुपालन विभाग में दवाओं की खरीद के लिए जिन 30 फर्मों के साथ रेट कांट्रेक्ट किया गया उनमें से 15 को सरकार व विभाग ने ब्लैलिस्ट कर रखा है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्री ने इस संबंध में प्रदेश सरकार को कापी दी लेकिन अब भी सरकार महंगी दरों पर दवाएं खरीद रही है।
भाजपा ने चार्जशीट में सीपीएस को भी लपेटा
भाजपा की ओर से राज्यपाल देवव्रत आचार्य को सौंपी गई चार्जशीट में सीपीएस को भी लपेटा है। लोक निर्माण विभाग के सीपीएस विनय कुमार, समेत नंदलाल, रोहित ठाकुर, नीरज भारती आदि अन्य सीपीएस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
सीपीएस विनय कुमार पर चहेतों को दिलाए टेंडर
- सरकारी आईटीआई को अपने घर में किराये पर खुलवाया है, चहेतों को दिलवाए टेंडर
- मूल स्थान की बजाय त्रिमोली में ले ली डीडी, रेणुका विकास बोर्ड में किया भ्रष्टाचार
- हर वर्ष मेले के नाम पर उद्योगपतियों, सरकारी अफसरों, कर्मचारियों और व्यापारियों से करोड़ों एकत्र किए
- धन के आवंटन में गड़बड़ी, फसलें बर्बाद हो गईं, घर टूट गए, राहत राशि में 500 से 1250 रुपये
विनय कुमार बोले - चार्जशीट झूठ का पुलिंदा
सीपीएस नंदलाल ने ट्रांसफार्मर हटाकर कांग्रेसी को दिया फायदा
- रामपुर में चहेते को फायदा देने के लिए हटवाया ट्रांसफार्मर
- बाजार में नगर परिषद की कुल दुकानों में से 80 फीसदी दुकानें एक ही परिवार को दे दी गईं
- सीएम के इशारे पर चहेतों को फायदा देने को किया जा रहा एक शॉपिंग कांप्लेक्स का निर्माण
- कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री के टेंडर निर्माण के दौरान एक मजदूर की मौत, एफआईआर नहीं हुई।
नंदलाल ने भाजपा की चार्जशीट को बकवास बताया।
सीपीएस सोहनलाल ने की फोरलेन में अनदेखी
- कीरतपुर से मनाली फोरलेन में प्रदर्शन के दौरान विधायक की अनदेखी
- सत्ता का दुरुपयोग कर फोरलेन कंस्ट्रक्शन कंपनियों से सांठ-गांठ का आरोप
सोहनलाल बोले, सभी आरोप निराधार
इन सीपीएस पर लगे ये गंभीर आरोप
सीपीएस इंद्रदत्त पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप
- आय से अधिक संपत्ति के आरोप
- शिमला के तारादेवी में मकान, शोघी में रेस्तरां, हमीरपुर के बड़सर में बन रहा होटल।
- करोड़ों का पैसा कहां से आया - वन भूमि पर अवैध कब्जा कर सरकारी पैसे से डंगे लगाने का आरोप
सीपीएस नीरज भारती ने उठाया पद का लाभ
औद्योगिक क्षेत्र ज्वाली में अपनी फर्म मैसर्ज नीरज स्टील इंडस्ट्रीज के नाम से लीज पर उद्योग लगाने को प्लॉट अलॉट करवाया। 14 जून, 2002 को उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। उक्त औद्योगिक प्लॉट तथा साथ लगती जमीन पर 4 दुकानें और उनके ऊपर हॉल बना लिया। इन्हें किराये पर दिया गया है। नियमों के तहत ऐसा नहीं हो सकता है। औद्योगिक विभाग कार्रवाई करने की बजाए हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
नीरज बोले, नियमों के अनुसार किया है काम।
सीपीएस रोहित ने ठेकेदारों को पहुंचाया फायदा
- रोहित ठाकुर ने इशारे पर कांग्रेस नेता ने बना दिया सरकारी जमीन पर भवन
- भवन गिरने से हुए तीन लोगों की मौत, एफआईआर दर्ज, कोर्ट में पुलिस ने नहीं किया चालान पेश
- नगर पंचायत जुब्बल-कोटखाई में भ्रष्टाचार को संरक्षण
- ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का आरोप
रोहित ठाकुर ने कहा - उल्टा चोर कोतवाल को डांटे
इन विधायकों के नाम भी चार्जशीट में शामिल
- कांग्रेस सरकार के राज में गगरेट विधानसभा क्षेत्र में माफिया राज का बोलबाला रहा है।
- 29 अप्रैल 2016 को इनके राजनीतिक सलाहकार के ठिकाने पर छापामारी हुई। विजिलेंस और सीआईडी की संयुक्त टीम ने केरोसिन तेल के तीन ड्रम पकड़े, तभी स्थानीय विधायक दल बल सहित वहां पहुंचे और संयुक्त टीम को डराया धमकाया।
- सरकार के दबाव के बाद कार्रवाई करने वाले डीएसपी का तबादला कर दिया गया।
- सात महीने बीत जाने के बाद भी क्षेत्र में तेल माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।
बंबर ठाकुर : विधायक बिलासपुर
- वन विभाग के अधिकारी के साथ मारपीट विधायक की गुंडागर्दी का ताजा उदाहरण है।
- विधायक की पत्नी का आतंक जिला बिलासपुर अस्पताल में डॉक्टरों तक पर प्रभावी है। स्टाफ नर्स होने के बावजूद सार्वजनिक कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि बनकर जाना आम बात हो गई है।
- वन और खनन माफिया को विधायक का पूरा संरक्षण है। लोगों को डराने-धमकाने के भी आरोप हैं।
- फोरलेन सड़क निर्माण कर रही कंपनी द्वारा दिए गए ठेकों में विधायक का बहुत अधिक हस्तक्षेप है।
कुलदीप कुमार : विधायक चिंतपूर्णी
- ग्राम पंचायत अंबोटा में सरकारी भूमि पर परिजनों ने नाजायज कब्जा कर व्यापारिक भवनों का निर्माण किया।
- राजनीतिक दबाव से प्रशासन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा।
- विधायक के पुत्र ने इस बेशकीमती भूमि को अपनी व्यर्थ पड़ी भूमि से तबादला करने के लिए निवेदन दिया है।
- विधायक की दखलंअदाजी से ग्राम पंचायत अपर लोहारा पर कब्जा करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही।
- हाईकोर्ट के आदेश से प्रधान को सस्पेंड किया गया है, लेकिन उपायुक्त ऊना उसकी अपील की सुनवाई हर सप्ताह मुकर्रर कर रहे हैं, ताकि उनकी सस्पेंशन पर स्थगन आदेश दिया जाए।
निगमों, बोर्डों के नौ अध्यक्षों पर भी लगे ये आरोप
हर्ष महाजन : अध्यक्ष राज्य सहकारी बैंक
- बैंक का अध्यक्ष बनने के लिए गैरकानूनी प्रक्रिया अपनाई।
- बैंक भर्तियों में चहेतों और प्रभावशालियों के जानकारों को भर्ती किया।
- लिखित परीक्षा आईबीपीएस मुंबई के बजाए शिक्षा बोर्ड से करवाई गई।
- पार्ट टाइम नौकरियों, इंक्रीमेंट और प्रमाण पत्र में घोटाला किया गया।
- बैंक में लगे ठीक कंप्यूटरों को 1200 रुपये के हिसाब से बेचा गया।
जगदीश सिपहिया : अध्यक्ष कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक
- बैंक में की गई भर्तियों अनियमितताएं बरतते हुए हेराफेरी की गई।
- गिरफ्तार आढ़ती चुन्नी लाल को नियमों को ताक पर रख कर 1.30 करोड़ का ऋण दिया।
- सात बार विदेश यात्राओं पर जाकर बैंक की धनराशि की फिजूलखर्ची की।
- तीन साल में वाहन खरीदने के लिए 44 लाख रुपये खर्च किए गए। वाहनों की कीमत 15 लाख है।
- बैंक कर्मचारियों का उत्पीड़न किया। फर्नीचर, बैंक भवन किराये में घोटाला किया।
कुलदीप सिंह पठानिया : अध्यक्ष प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- बोर्ड के दफ्तरों के लिए 35 करोड़ के फर्नीचर खरीद में अनियमितताएं बरती।
- हार का बदला लेने के लिए अपने विधानसभा क्षेत्रों में अफसरों, कर्मियों के तबादले करवाएं।
- भाजपा विधायक, मंडल अध्यक्ष, भाजपा कार्यकर्ताओं को जान से मारने की धमकी दी।
- एनजीटी के आदेशों के तीन माह बीते जाने के बाद भी इन्हें सरकार ने पद से नहीं हटाया।
- मंडी उपचुनाव के दौरान मचाई गई लूट की शिकायत मुख्य चुनाव आयुक्त को की गई है।
रामलाल ठाकुर : अध्यक्ष 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति
- सत्ता का दुरुपयोग कर अधिक से अधिक संपत्ति अर्जित करने में लगे हैं।
- बिलासपुर, स्वारघाट, नम्होल, धयाल, न्यू शिमला, पंथाघाटी व परवाणु में इनकी कोठियां हैं।
- नालागढ़, बद्दी, कालाअंब नाहन में सीमेंट-शराब फैक्ट्रियों में इनकी, परिजनों की साझेदारियां हैं।
- फोरलेन सड़क निर्माण में सरकार का प्रभाव डालकर अपने चहेताें को काम दिलवाया।
- बेटे ने एक कंपनी बनाकर करोड़ों का काम फोरलेन सड़क निर्माण में बिना टेंडर करवाया।
ख्वाजा खलीलुल्ला : चेयरमैन वक्फ बोर्ड
- शिमला के मिडल बाजार की बेशकीमती दुकान पर कब्जा कर रखा है। मामला उच्च न्यायालय में चल रहा है।
- मॉल रोड़ के बेशकीमती भवन नंबर 70/1 की रेवन्यू एंट्री को प्रभावित किया है। मामला कोर्ट में है।
- मुजीब हुसैन नामक व्यक्ति ने इन पर फौजदारी मुकदमा दायर किया है। आरोप लगाया है कि स्वर्गीय नजीर हुसैन को यह तंग किया करते थे, जिनका मृत शरीर दिल्ली में पाया गया था।
- वक्फ बोर्ड की जमीन, मकान हड़पने के आरोप लगे व्यक्ति को सरकार ने चेयरमैन बनाना है।
केवल सिंह पठानियां : अध्यक्ष वन निगम
- हिमाचल प्रदेश के वनों को चंद लोगों के लाभ के लिए समाप्त किया जा रहा है।
- चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के निदेशक मंडल का सदस्य होने के नाते विदेशी दौरे पर जाकर फिजूलखर्ची को बढ़ावा दिया।
- वनों में गिरी लकड़ी को समय पर नहीं उठाया जा रहा। लकड़ी उठाने के टेंडरों में हेराफेरी की जा रही। वनों के उत्पाद जैसे बिरोजा आदि की खरीद में हेराफेरी की जा रही।
- चील के जंगलों में बिरोजा निकालने के लिए पेड़ों को इस कदर छल्ली किया जा रह है कि वे पेड़ 5 वर्ष के अंदर आगजनी का शिकार हो कर गिर जाते हैं व उठा लिए जाते हैं।
सुभाष मंगलेट : चेयरमैन कृषि विपणन बोर्ड
- नेरवा में बहुमंजिला इमारत बनाई, जिसका बहुत बड़ा हिस्सा सरकारी भूमि पर आता है।
- जिला शिमला में एनएच पर और अन्य स्थानों पर बिना रजिस्ट्रेशन के तंबू छाप आढ़तियों को बिठाया है।
- ये लोग बागवानों से माल लेते हैं, उन्हें किसान के नाम पर ही बाहर की मंडियों में बेचते हैं। इससे बोर्ड को करोड़ों रुपये प्रतिवर्ष के टैक्स का नुकसान होता है।
- प्रदेश कृषि विपणन बोर्ड भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। एमडी के भ्रष्टाचार को अध्यक्ष संरक्षण दे रहे हैं।
राजेंद्र राणा : अध्यक्ष आपदा प्रबंधन बोर्ड
- प्राकृतिक आपदाओं का प्रबंधन करने की जगह अपना राजनैतिक कैरियर संवारने को सरकारी खर्चे पर कर रहे हैं।
- सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत हो रहे प्रत्येक गैर-कानूनी काम को संरक्षण देते हैं। अवैध खनन, अवैध वन कटान को बढ़ावा दे रहे। चहेतों का प्रबंधन कर रहे।
- विधानसभा क्षेत्र में बिना बजट के घोषणायें कर रखी हैं। पूरे प्रदेश का बजट भी वहां खर्च कर दिया जाए तो भी वो घोषणाएं पूरी नहीं होगी।
- प्रदेश के अंदर और बाहर इनकी बेतहाशा संपत्ति को देखते हुए इन पर आय से अधिक संपत्ति के आरोप भी हैं।
चेतराम : अध्यक्ष दुग्ध प्रसंघ
- सिराज से संबंधित चेतराम प्रसंघ के निदेशक गैर कानूनी ढंग से बने हैं।
- प्रसंघ तथा एचडीएफसी बैंक का डिफॉल्टर होने के बावजूद प्रसंघ का चेयरमैन बनाया गया।
- सरकारी नियमों को ताक पर रख कर रहे हैं। एक स्कूल के साइंस ब्लॉक का शिलान्यास पूर्व मंत्री वर्तमान विधायक जयराम ठाकुर ने 2012 में कर दिया था। यह उसका दोबारा शिलान्यास करने पहुंच गए। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध करने पर मारपीट की और भाजपा कार्यकर्ताओं पर केस बना दिया।
चार्जशीट में एचपीयू, प्रदेश सचिवालय का भी नाम
लेबर वेलफेयर बोर्ड
- गरीबों और मजदूरों के कल्याण के लिए बनाया गया बोर्ड सरकार से जुड़े नेताओं के वेलफेयर का केंद्र बना।
- बोर्ड के धन का प्रयोग राजनेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा।
- कांग्रेस के चंद नेताओं के कहने पर बोर्ड का धन किसी भी विधानसभा क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को किसी भी रूप में बांट दिया जाता है।
- मजदूरों के कल्याण के लिए दी जाने वाली सामग्री की खरीद में भारी घोटाला है।
- घटिया माल ऊंचे दामों पर खरीद कर बंदरबांट की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय
- बीते चार वर्षों में राजनीति का अड्डा बना। कांग्रेस के नेताओं, कांग्रेस समर्थित शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रख कर भतीजावाद, भ्रष्टाचार, नौकरियों की बंदरबांट और वित्तीय अनियमितताओं संबंधी घटनाओं को अंजाम दिया।
- नियमों की अनदेखी की जा रही। यूजीसी द्वारा निर्धारित (नेट, सेट) की अनिवार्य शैक्षणिक योग्यताओं का हटा कर, सुप्रीमकोर्ट के आदेशों को छिपा कर साजिश के तहत काम किया जा रहा।
- वित्तीय, भर्ती, साक्षात्कार में अनियमितताएं बरती जा रही।
डॉ. यशवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय
- पूर्व कुलपति ने विश्वविद्यालय के नियम/कानून तथा लोख नियमावली का उल्लंघन किया है।
- परियोजना के तहत मिले विदेश से धन को अपने बैंक खाते में जमा करवाया।
- कुलपति लगने के लिए अपने विषय में गलत जानकारी देकर कुलपति का गरिमापूर्ण पद प्राप्त किया।
- विश्वविद्यालय में भर्ती के लिए नियमों के विपरीत काम किया।
चौधरी सरवण कुमार कृषि विश्वविद्यालय
- पूर्व कुलपति ने विदेश भ्रमण के लिए सीडीए ग्रांट का दुरुपयोग किया।
- अनुदान सहायता का अपने फायदे के लिए प्रयोग किया।
- फरवरी 2016 में सरकार ने विवि को 15 करोड़ की अनुदान राशि दी। इसे महंगाई भत्तों की बकाया राशि, वेतन वृद्धि की बकाया राशि, चिकित्सा प्रतिपूर्ति की बकाया राशि और पदोन्नति की बकाया राशि का भुगतान इत्यादि के लिए स्वीकृत किया गया था। तत्कालीन कुलपति ने अपनी पेंशन की कॅम्यूटेशन के लिए इस्तेमाल करने की मंशा से 31 दिसंबर 2015 तक सेवानिवृत्त हुए सभी कर्मचारियों के पेंशन कम्युटेशन के लिए इस राशि का प्रयोग कर लिया।
प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर
- करुणामूलक आधार पर कुछ विभागों में लिपिक के पद भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के अनुसार नहीं भरे गए।
- आयोग के सचिव के गृह नगर से संबंध रखने वाले कुछ अभ्यर्थियों को टंकण न जानते हुए भी टंकण परीक्षा में पास घोषित किया गया।
- आयोग में नियुक्त कर्मचारियों के बच्चों के परीक्षा केंद्रों को बदल कर उनके अभिभावकों की परीक्षा केंद्रों में तैनाती के अनुरूप परीक्षा दिलवाई गई। यही अभ्यर्थी बाद में चयनित होकर नियुक्त हुए।
राज्य लोकसेवा आयोग शिमला
- बेरोजगारों को रोजगार देने में भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को लांघ दिया है।
- आयोग की लिखित परीक्षा में जिस उम्मीदवार ने टॉप किया, उस उम्मीदवार को साक्षात्कार में 17 प्रतिशत अंक दिए गए। उम्मीदवार को 150 अंकों में से 27 अंक मिले। लिखित परीक्षा में 850 में से 527 अंक प्रथम स्थान और साक्षात्कार में 17 प्रतिशत अंक। प्रदेश की सभी लिखित परीक्षाओं के बाद हुए साक्षात्कार में भारी भरकम भ्रष्टाचार एवं भाई-भतीजावाद हुआ।
हिमाचल विधानसभा सचिवालय
- विधान सभा सचिवालय में दामोदरा देवी चपरासी ने 17-8-2009 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी, लेकिन अक्तूूबर 2016 में मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी नियमों को ताक पर रखकर इसको फिर से नौकरी पर रख लिया गया। यहां भाई-भतीजावाद चलाया गया।
- पिछले चार सालों में विधानसभा सचिवालय में तथा ई-विधान के तहत अधिकतर लोग एक ही विधानसभा क्षेत्र के रखे गए हैं।
- ई-विधान लागू करने में कंप्यूटर खरीदने में भी भारी घोटालों के आरोप हैं।
सुभाष आहलुवालिया : मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव
- आय से अधिक संपत्ति मामलों में प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहा है।
- पत्नी को सेवानिवृत्त के बाद निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग की सदस्य बनाया।
- वरिष्ठ अधिवक्ताओं और चार्टड अकाउंटेंट ने भारत सरकार के एक मंत्रालय में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ऑन ब्लैक मनी के सदस्य सचिव को पत्र लिखकर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की बात कही है।
चार्जशीट झूठ का पुलिंदा, कूड़ेदान में डालने लायक: वीरभद्र
भाजपा द्वारा राज्यपाल को राज्य सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए चार्जशीट देने पर मुख्यमंत्री व मंत्रियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सरकार के विरुद्ध राज्यपाल को सौंपी गई चार्जशीट को झूठ का पुलिंदा करार दिया है। कहा कि इस चार्जशीट का स्थान केवल व केवल कूड़ेदान में है। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाना भाजपा की पुरानी आदत है क्योंकि भाजपा के पिछले कार्यकाल के दौरान उन पर दो बार झूठे आरोप लगाए गए थे और सेशन ट्रायल के बाद दोनों बार वह बरी हुए हैं।
मंत्रियों ने कहा कि आरोप तथ्यों के विपरीत हैं जिनका कोई भी प्रमाण नहीं है। इसी दौरान, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर तथा कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया, जीएस बाली ने भी चार्जशीट को झूठ का पुलिंदा बताया। कहा कि बेबुनियाद आरोप लगाकर राज्य के लोगों को गुमराह करने के अलावा कुछ भी नहीं है और इस चार्जशीट का स्थान राजभवन नहीं बल्कि कूडे़दान में है।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप महज ख्याली पुलाव हैं तथा इन आरोपों में सत्य का अंश मात्र भी नहीं है। वहीं, मंत्री प्रकाश चौधरी, मुकेश अग्निहोत्री, ठाकुर सिंह भरमौरी, सुधीर शर्मा, अनिल शर्मा ने भी इस चार्जशीट को कोरा झूठ बताया है। कहा कि जिस तरह विपक्ष चार्जशीट में मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है इससे उसके वैचारिक दीवालियापन का पता चलता है।
चार्जशीट की गंभीरता से जांच करवाए सरकार : भाजपा
हिमाचल सरकार भाजपा की चार्जशीट पर गंभीरता से जांच करवाए। यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो राज्यपाल केंद्रीय जांच एजेंसियों से चार्जशीट में लगाए आरोपों की जांच करवाएं। यह मांग राज्यपाल आचार्य देवव्रत को कांग्रेस के खिलाफ तैयार की गई चार्जशीट सौंपने गए भाजपा नेताओं ने उठाई। भाजपा नेताओं ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार का भ्रष्टाचार जनता के सामने, इसके लिए पार्टी ने यह चार्जशीट तैयार कर जांच के लिए राज्यपाल को सौंपी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में वन, खनन, ड्रग, भू, शराब और तबादला माफिया सक्रिय है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपना यह कार्यकाल अपने ऊपर लगे आर्य से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार से बचने के मामलों का प्रबंध करने में ही बिता दिया। चार्जशीट सौंपने वालों में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती, चार्जशीट कमेटी के संयोजक सुरेश भारद्वाज, चार्जशीट कमेटी के सदस्य रविंद्र सिंह रवि, डॉ. राजीव बिंदल, जयराम ठाकुर, रणधीर शर्मा और विपिन सिंह परमार के अलावा सांसद रामस्वरूप शर्मा, वीरेंद्र कश्यप और कई विधायक मौजूद थे।
नड्डा बोले, इस्तीफा दे वीरभद्र सिंह और उनके मंत्री
भाजपा द्वारा राज्यपाल को चार्जशीट सौंपने और संगीन आरोप लगाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता जेपी नड्डा ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी विधायकों ने जिस तरह आरोप और उनके प्रूफ के तौर पर तथ्य सामने रखे हैं उसके बाद वीरभद्र सिंह और उनकी सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए। कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार पूरी तरह से भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई हैं। इस अवसर पर उन्होंने चार्जशीट बनाने वाली टीम को बधाई दी। साथ ही मानहानि का दावा करने के कांग्रेस नेताओं मंत्रियों और मुख्यमंत्री के दावों पर भी जमकर चुटकी ली। बोले, मुख्यमंत्री के खिलाफ पहले से ही भ्रष्टाचार के इतने केस चल रहे हैं कि हमें ज्यादा कुछ साबित करने की जरूरत नहीं है। कहा कि चल रहे केस ही उनके भ्रष्टाचार के प्रमाण हैं।
धूमल के घर से नारे लगाते राजभवन पहुंचे भाजपाई
प्रदेश सरकार के खिलाफ चार्जशीट सौंपने के लिए भाजपाई पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के छोटा शिमला स्थित सरकारी आवास से नारेबाजी करते हुए राजभवन पहुंचे। शनिवार सुबह नौ बजे से भाजपाई धूमल के आवास पर जुटना शुरू हो गए। सुबह दस बजे तक सरकारी आवास और सड़क कार्यकर्ताओं से खचाखच भर गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को भी भारी संख्या में तैनात किया गया था। एसडीएम और डीएसपी मौके पर मौजूद रहे।
सुबह करीब साढ़े दस बजे धूमल के सरकारी आवास से भाजपाइयों ने राजभवन कूच किया। भाजपा का पहले मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओकओवर से होते हुए राजभवन जाने का कार्यक्रम था, लेकिन समय अधिक बीत जाने के चलते रैली ने राजभवन के लिए शार्टकट रास्ता लिया। करीब 11 बजे रैली सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राजभवन पहुंची। राजभवन के गेट पर कार्यकर्ताओं को छोड़कर धूमल की अगुवाई में भाजपा विधायक राज्यपाल आचार्य देवव्रत को चार्जशीट सौंपने गए।
इस दौरान भाजपा नेता चंद्रमोहन ने रैली को संबोधित किया। करीब आधा घंटा बाद भाजपा नेता चार्जशीट सौंपकर बाहर आए। बाहर आकर चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष और शिमला से विधायक सुरेश भारद्वाज, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने रैली को संबोधित किया। सभी नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया।