रेस्ट हाउस व रिश्तेदारों के पास रातें बिता रहे भाजपा के वरिष्ठ मंत्री
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जयराम सरकार के वरिष्ठ मंत्री किशन कपूर की स्थिति हास्यास्पद बनी हुई है। मंत्री को जो आवास आवंटित हुआ है, उस पर पूर्व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल डेरा डाले हुए हैं।
उन्हें अभी तक कोठी से मोह नहीं छूट रहा है। शांडिल यहां खुद रहते तो नहीं पर उनका सामान सरकारी आवास पर पड़ा है। अब घर न होने की वजह से कपूर कभी सरकारी रेस्ट हाउस तो कभी रिश्तेदारों के यहां ठहर रहे हैं।
कपूर को कैबिनेट मंत्री बनाने के साथ ही खाद्य आपूर्ति विभाग की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह के बाद किशन कपूर भाजपा सरकार में दूसरे नंबर के मंत्री हैं।
कपूर को पूर्व मंत्री धनीराम शांडिल वाला सरकारी बंगला अलॉट हुआ है, मगर वे अब तक इस बंगले को अपना आशियाना नहीं बना पाए हैं। शांडिल भले ही चुनाव जीत गए हैं पर पार्टी हार गई है।
पूर्व कांग्रेस मंत्री बोले- मीटिंग में हूं
नियमों के मुताबिक सरकार बदलने के बाद पूर्व मंत्रियों को 15 दिन के भीतर बंगला खाली करना होता है, लेकिन भाजपा के वरिष्ठ मंत्री के लिए सरकारी आवास खाली नहीं कराया जा रहा है।
अब सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के लिए यह गले का फांस बन गया है। सूत्र बताते हैं कि जीएडी पूर्व मंत्री के घर फोन कर आवास खाली करने की गुहार लगा रहा है।
इस संबंध में पूर्व मंत्री धनीराम शांडिल से फोन पर संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि वे मीटिंग में है। इसके बाद उन्हें दो बार काल किया, लेकिन उन्होंने फोन का जवाब नहीं दिया।
पूर्व कांग्रेस मंत्री धनीराम शांडिल से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने बैठक में होनी की बात कही। इसके बाद उन्हें दो बार फोन किए गए लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।