बर्ड फ्लू: कांगड़ा में चार कौवों समेत आठ पक्षियों की मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बर्ड फ्लू से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में शुक्रवार को आठ और पक्षियों की मौत हुई है। इन मृतक पक्षियों में चार कौवे और चार अन्य पक्षी शामिल हैं। ये सभी पक्षी पौंग बांध के साथ लगते क्षेत्रों में मिले हैं। इसकी पुष्टि पशुपालन विभाग के जिला कांगड़ा के उप निदेशक डॉ. संजीव धीमान ने की है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग की 134 टीमें लगातार बर्ड फ्लू से पक्षियों की मौत पर निगरानी रख रही हैं। बर्ड फ्लू से मरने वाले पक्षियों की रिपोर्ट मिलते ही उन्हें सुरक्षित एवं वैज्ञानिक ढंग से निपटाया जा रहा है। शुक्रवार को आठ और पक्षियों की मौत के साथ कांगड़ा में बर्ड फ्लू से मरने वाले स्थानीय पक्षियों की मौत का आंकड़ा 194 पहुंच गया है। मृत पक्षियों में सबसे अधिक कौवों की संख्या है। अब तक 194 पक्षियों में से कुल 175 कौवों की मौत हुई है। बर्ड फ्लू पर काबू पाने को पशुपालन विभाग एवं वन्य प्राणी विंग की 140 के करीब रैपिड रिस्पांस टीमें लगातार पौंग बांध वन्य जीव अभयारण्य एवं इसके आसपास के क्षेत्रों में डटी हैं।
पौंग झील क्षेत्र में मिले 38 प्रवासी पक्षियों के अवशेष
पौंग बांध क्षेत्र में प्रवासी पक्षियों की मौत के मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को 38 प्रवासी पक्षियों के अवशेष मिले हैं। वन्य प्राणी विंग की प्रधान मुख्य अरण्यपाल अर्चना शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। वन्य जीव विंग की टीमों ने इनका सुरक्षित और वैज्ञानिक ढंग से निपटान कर दिया है। पौंग बांध वन्य जीव अभयारण्य में अब तक कुल 4874 प्रवासी पक्षियों की मौत हो चुकी है। सरकार और जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यहां से आने वाली दैनिक रिपोर्ट के आधार पर यहां सक्रिय रैपिड रिस्पांस टीमों की तकनीकी एवं सामग्री संबंधी जरूरतें पूरी की जा रही हैं। फिलहाल, पिछले तीन दिन से प्रवासी पक्षियों की मौत के मामलों में आई कमी राहत बनकर आई है।
बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने के लिए नियमित सैंपल लेने के फरमान
हिमाचल में बर्ड फ्लू पर निगरानी रखने को नियमित सैंपल लेने के फरमान दिए गए हैं। अभी तक विदेशी परिंदों सहित करीब पांच हजार पक्षी मारे गए हैं। प्रदेश में बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए केंद्र के प्रोटोकॉल को लागू करने के निर्देश जारी हुए हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश में बर्ड फ्लू पर बराबर निगरानी रखने के लिए पशुपालन विभाग और वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की कुल 140 टीमें तैनात की हैं। हर रोज कितने विदेशी परिंदे और जंगली पक्षी बर्ड फ्लू के कारण मारे जा रहे हैं, इस पर ये टीमें बराबर निगरानी रखे हैं। पशुपालन विभाग के निदेशक अजमेर सिंह डोगरा ने कहा कि केंद्र सरकार के बर्ड फ्लू को लेकर जारी प्रोटोकॉल में ही प्रदेश में काम किया जा रहा है।