फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Bill approved against illegal religion conversion in Himachal

हिमाचल में गैरकानूनी धर्मांतरण के खिलाफ विधेयक मंजूर, पढ़ें पूरा मामला

Fri, 30 Aug 2019 06:59 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 30 Aug 2019 06:59 PM IST
विज्ञापन
Bill approved against illegal religion conversion in Himachal
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल में गैरकानूनी धर्मांतरण के खिलाफ धर्म की स्वतंत्रता विधेयक विधानसभा में शुक्रवार को पास हो गया। इस कानून में अधिकतम सात साल की सजा के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को सदन में गैरकानूनी धर्मांतरण के खिलाफ हिमाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता विधेयक 2019 में पेश किया था। इस विधेयक को मंजूरी मिलने में विपक्ष का भी साथ मिला। 

विज्ञापन


विधेयक पर चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कानून बनाना इसलिए जरूरी था, क्योंकि प्रदेश में धर्म परिवर्तन के खिलाफ  2006 में बने कानून के बावजूद बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन हो रहा है, लेकिन आज तक प्रदेश में कोई मामला दर्ज नहीं हुआ। इसलिए इसे ज्यादा सख्त बनाने के लिए 10 संशोधनों की जरूरत पड़ी। ऐसे में सरकार ने नया कानून लाने का निर्णय लिया।

विज्ञापन

अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान

सीएम ने कहा कि रामपुर, किन्नौर और कुछ सीमांत इलाकों में एनजीओ के नाम पर करोड़ों रुपये आ रहे हैं और इससे धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है।  नए कानून में यह प्रावधान किया है कि जो संस्थाएं लालच देकर या जबरन धर्म परिवर्तन में संलिप्त पाई जाती हैं, उन पर कानून के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सीएम ने कहा कि देश के आठ राज्यों में ऐसा कानून बन चुका है। कानून के तहत अब हिमाचल में अगर किसी नाबालिग और महिला का जबरन धर्म परिवर्तन किया तो सात साल तक की कैद होगी।

अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों का धर्मांतरण करवाने पर भी सजा का प्रावधान किया गया है। प्रलोभन, जालसाजी या जबरन धर्म परिवर्तन करवाना गैर जमानती अपराध माना जाएगा। धर्म परिवर्तन का इच्छुक व्यक्ति एक माह पहले जिला मजिस्ट्रेट को सूचना देगा। जिला मजिस्ट्रेट इसकी पुलिस या किसी अन्य एजेंसी से जांच करवाएगा। ऐसी ही सूचना उस धर्म पुजारी को भी देनी होगी, जो धर्मांतरण समारोह करवा रहा है। 

धर्म परिवर्तन रोकने में सफल नहीं रहा मौजूदा कानून : सुरेश

Bill approved against illegal religion conversion in Himachal

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने विधेयक पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्ष 2006 में भी इससे संबंधित विधेयक लाया गया था। समय की मांग को देखते हुए इसमें परिवर्तन की आवश्यकता पड़ी है। मौजूदा कानून धर्म परिवर्तन रोकने में सफल नहीं हो पा रहा था।

उन्होंने सदन से इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने का भी आग्रह किया। कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन पर पांच साल की सजा का प्रावधान बहुत अधिक है। इसे कम किया जाना चाहिए।

उन्होंने इसे संज्ञेय अपराध बनाने पर भी आपत्ति जताई। हालांकि, उन्होंने विधेयक का समर्थन किया। विधायक राकेश पठानिया ने आरोप लगाया कि प्रदेश के सीमांत इलाकों में पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। इसके खिलाफ  कार्रवाई होनी चाहिए। विधायक आशा कुमारी और राकेश जम्वाल ने भी विधेयक का समर्थन किया।

विधायक जगत सिंह नेगी ने यह विधेयक लाने की सरकार की मंशा पर सवाल उठाया और कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है। राकेश सिंघा ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताई।

विज्ञापन

विस पटल पर रखा कृषि उपज विपणन संवर्धन सरलीकरण विधेयक 

कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने शुक्रवार को विधानसभा पटल पर हिमाचल कृषि उपज विपणन संवर्धन और सरलीकरण विधेयक-2019 रखा। शनिवार को विधेयक पर चर्चा होगी। इसमें मंडियों में बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करने और बागवानों-किसानों के हितों की रक्षा करने का फैसला लिया जाएगा।

वर्तमान में कृषि और बागवानों को मंडियों में ठगा जाता था। कमीशन तक ली जा रही है। अब इससे अंकुश लग सकेगा। कानून बन जाने बाहरी राज्यों की कंपनियों और बिचौलियों पर भी नकेल कसेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed