बिलासपुर बस हादसे का चौंकाने वाला खुलासा
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राहियां के पास गिरी निजी बस के चालक का लाइसेंस फर्जी निकला है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है। हैरान करने वाला खुलासा यह हुआ है कि लाइसेंस ऊना से जारी किया गया है और किसी के और के ही नाम से बना है। इससे पुलिस जांच का एंगल दूसरी तरफ घूम गया है। पुलिस आशंका जता रही है कि इसके पीछे फर्जी लाइसेंस गिरोह का हाथ हो सकता है। संकेत दिए हैं कि इस मामले में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
हादसे में दो दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई थी। हादसे की जांच कर रही पुलिस ने जब चालक के लाइसेंस को जांचा तो यह खुलासा हुआ। लाइसेंस को फर्जी तरीके से बनाया गया था। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर लिया है। पुख्ता सूत्र बताते हैं कि चालक लंबे समय से इस लाइसेंस के दम पर ही ड्राइविंग कर रहा था।
विभागीय कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा सवाल
लाइसेंस के फर्जी निकलने से विभागीय कार्यप्रणाली पर सबसे बड़ा सवाल है। सवाल है कि चालक के लाइसेंस की जांच अब तक क्यों नहीं की गई। ऐसे में इस बात की आशंका है कि फर्जी लाइसेंस के साथ और चालक भी वाहनों को दौड़ा रहे हैं। राहियां हादसे के बाद बस का चालक संजीव कुमार उर्फ सोनू मौके से फरार हो गया था।
पुलिस की पकड़ में आने के बाद इसके लाइसेंस को भी जांचा गया। दस्तावेज नकली निकले हैं। डीएसपी अंजनी जसवाल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि राहियां हादसे में निजी बस के चालक संजीव कुमार का लाइसेंस फर्जी निकला है। इसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इससे पूछताछ कर रही है।