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शिमला: कर्मचारी भविष्य निधि फंड समय पर जमा नहीं करवाने वाले निजी कॉलेज को हिमाचल हाईकोर्ट से बड़ी राहत
Wed, 05 Apr 2023 07:59 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 05 Apr 2023 07:59 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कर्मचारी भविष्य निधि फंड समय पर जमा न करवाने वाले निजी कॉलेज को बड़ी राहत दी है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने कॉलेज पर लगाए गए 64.42 लाख रुपये जुर्माने के आदेशों को निरस्त कर दिया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कर्मचारी भविष्य निधि फंड समय पर जमा न करवाने वाले निजी कॉलेज को बड़ी राहत दी है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने कॉलेज पर लगाए गए 64.42 लाख रुपये जुर्माने के आदेशों को निरस्त कर दिया है। इसके अलावा अदालत ने 31.32 लाख रुपये ब्याज देने के आदेशों को भी रद्द किया है। अदालत ने कर्मचारी भविष्य निधि फंड आयुक्त को आदेश दिए कि वह कॉलेज पर जुर्माना लगाने के बारे में दोबारा आदेश पारित करें। सुंदरनगर के महाराजा लक्ष्मण सेन मेमोरियल कॉलेज ने कर्मचारी भविष्य निधि फंड आयुक्त के आदेशों को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी।
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कॉलेज की ओर से कर्मचारी भविष्य निधि फंड को जमा करवाने मेें देरी किए जाने पर आयुक्त ने 64.42 लाख रुपये जुर्माना और 31.32 लाख रुपये ब्याज के रूप में देने के आदेश दिए थे। अदालत के समक्ष दलील दी गई कि कॉलेज प्रशासन ने आयुक्त की ओर से जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया था। जवाब में स्पष्ट किया था कि राज्य सरकार की ओर से 95 फीसदी वित्तीय सहायता को बंद कर दिया गया था। याचिकाकर्ता-संस्था ने अदालत को बताया कि वर्ष 2003-04 में प्रदेश सरकार ने वेतन की परिभाषा से ईपीएफ के तत्व को हटा दिया था। वर्ष 2009 में सरकार ने 95 फीसदी वित्तीय सहायता को बंद कर दिया था।
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उस समय भी सरकार ने 2,27,36,575 रुपये का भुगतान नहीं किया। उसके बाद कॉलेज से पीएफ के रूप में 1,28,41,992 रुपये की वसूली की थी। अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन पर पाया कि कॉलेज की ओर से कर्मचारी भविष्य निधि फंड समय पर जमा नहीं करवाया गया। कॉलेज सिर्फ जुर्माना लगाने के आदेशों के विरुद्ध है। अदालत ने पाया कि कर्मचारी भविष्य निधि फंड आयुक्त ने कॉलेज की ओर से दायर जवाब को नजरअंदाज किया है। आयुक्त ने मामले से जुड़े तथ्यों को दरकिनार कर कॉलेज पर जुर्माना लगाया है। हालांकि, नियमानुसार देरी से कर्मचारी भविष्य निधि फंड जमा करवाने के लिए जुर्माना लगाना आयुक्त की स्वेच्छा पर निर्भर करता है।
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