राशनकार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर, पढ़ें जरूर
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हिमाचल के 12 लाख एपीएल राशनकार्ड उपभोक्ताओं को अब हर माह डिपुओं से राशन लेना ही होगा। अगर ऐसा न किया तो उनका कोटा लैप्स हो जाएगा। पहले एपीएल उपभोक्ता तीन महीने के भीतर कभी भी कोटे का राशन ले सकते थे।
अब सरकार ने व्यवस्था में बदलाव किया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को इसके आदेश जारी हो गए हैं। मार्च से राशन न लिया तो कोटा लैप्स हो जाएगा। विभाग का तर्क है कि एक तो स्टोरेज क्षमता कम है और दूसरा गोदामों में रखा राशन खराब हो रहा ह।
इसलिए अब राशन लेने में छूट नहीं दी जा सकती। प्रदेश में साढ़े सोलह लाख राशनकार्ड उपभोक्ता हैं। इसमें 12 लाख राशनकार्ड एपीएल, जबकि अन्य बीपीएल और अंत्योदय परिवारों के हैं।
इसलिए बदली व्यवस्था
विभाग का कहना है कि अंत्योदय और बीपीएल परिवार तीन माह तक कभी भी कोटे का राशन ले सकते हैं। कई बार गरीब परिवारों के पास राशन लेने तक को पैसे नहीं होते हैं, ऐसे में उनको दी छूट जारी रहेगी। डिपुओं में एपीएल परिवार का राशन अधिक बच रहा है। लोग तीन महीने में कभी भी डिपो आकर कोटे की मांग करते हैं। राशन न मिलने पर लोग झगड़ा भी करते हैं। इसलिए व्यवस्था बदली है।
18 किलो आटा, 6 किलो मिलते हैं चावल
प्रदेश सरकार प्रति परिवार एपीएल उपभोक्ताओं को 18 किलो आटा और 6 किलो चावल, 600 ग्राम चीनी, दो लीटर तेल, तीन दालें और नमक सस्ते दामों पर मुहैया करवा रही है। खाद्य आपूर्ति मंत्री जीएस बाली का कहना है कि एपीएल राशनकार्ड उपभोक्ताओं को हर महीने डिपो से राशन लेना होगा, नहीं तो कोटा लैप्स माना जाएगा। ये राशन प्रदेश के जरूरतमंद लोगों को राशनकार्ड पर दिया जाएगा।