ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान, बागवानों की उम्मीदों पर फिरा पानी
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भारी ओलावृष्टि के कारण उपरी शिमला में सेब की फसल को भारी नुकसान हुआ है। क्यारवी व बघाल पंचायत के अंतर्गत आधा दर्जन से अधिक गांव में ओलावृष्टि से सेब की फसल को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
ओलावृष्टि ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। बागवानी विभाग की ओर से ओलावृष्टि से करीब 2.50 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
उद्यान विभाग के विषय वाद विशेषज्ञ धर्मवीर कालटा ने बताया कि बघाल, धारण, चोंरी, रेंदल, डाबर, छनोत, चांबीधार सहित कई गांव में ओले गिरे। इससे सेब, नाशपाती की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
ओलावृष्टि करीब दस मिनट तक रुक-रुक होती रही। भारी ओलावृष्टि से सेब के पौधों से फूल जमीन पर गिर गए। विभाग की ओर से शुक्रवार को नुकसान का आकलन किया गया।
ओलावृष्टि से नकदी फसलें बर्बाद
नेरवा तहसील की टिक्करी, धनत, किरण व टेलर पंचायतों में ओलावृष्टि से सेब के साथ-साथ अन्य नकदी फसलों को भी भारी क्षति हुई है। क्षेत्र में बीते तीन दिनों में हुई ओलावृष्टि ने क्षेत्रों के बागवानों की कमर तोड़ दी है। प्रभावितों ने नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।
बागवान दौलत राम, भगत राम, मातवर सिंह, महेश्वर, सूरत चौहान, बलदेव, किशन सिंगटा, किरपा राम, मदिया राम, सुनील चौहान, प्रदीप चौहान, भीम सिंह, परमा नंद, राजेंद्र भंडारी, राम लाल भंडारी, गोविंद, कुंदन गजटा, दलीप बरसांटा, श्याम सिंह, मुनीष, बालक राम शर्मा, केवल राम, हेत राम, पूर्व प्रधान काहन
सिंह सिसोदिया, कंवर सिंह, सीता राम ने बताया कि ओलावृष्टि से नुकसान हो रहा है। आजकल सेब सहित अन्य नकदी फसलों में फूल आ रहे हैं। करीब 50 फीसदी फ्लॉवरिंग हो चुकी है।
ओलावृष्टि से फूल के साथ-साथ पत्ते तक झड़ चुके हैं। यही नहीं पौधों के बीमे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा मटर, गोभी, लहसुन, प्याज, टमाटर आदि की फसल तहस नहस हो गई।