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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Big facts related to conductor recruitment in hrtc during 2003-04.

भाजपा-कांग्रेस दोनों सरकारों ने दबा दी थी इस घपले की फाइल

Wed, 20 Jan 2016 09:43 AM IST
Updated Wed, 20 Jan 2016 09:43 AM IST
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Big facts related to conductor recruitment in hrtc during 2003-04.

साल 2003-04 में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) द्वारा कराई गई जिस कंडक्टर भर्ती पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने जांच के निर्देश दिए हैं, वह भर्ती भाजपा और कांग्रेस की अंदरूनी सांठगांठ की वजह से ही अब तक दबी हुई थी। ऐसा इसलिए है क्योंकि जिस कंडक्टर भर्ती की सीबीआई जांच की मांग उठी है, वह शुरू से ही विवादों में घिरी रही थी।

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साल 2003-04 में हुई भर्ती के बाद साल 2007 में कांग्रेस शासन जाने के बाद जब प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में भाजपा की सरकार सत्ता में आई तो इस मामले की विजिलेंस ब्यूरो से जांच कराई गई। जांच के दौरान भर्ती प्रक्रिया के दौरान तमाम अनियमितताओं की बात सामने आई।

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पूर्व सीएम धूमल ने भी नहीं की कोई कार्रवाई

Big facts related to conductor recruitment in hrtc during 2003-04.

यही नहीं, जांच अधिकारी ने मामले में तत्कालीन एचआरटीसी के अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 व 120 बी की धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की सिफारिश भी की। लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने न तो आरोपी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई की और न ही कोई एफआईआर दर्ज हुई।

इस बीच विधानसभा चुनाव में कांग्रेस फिर सत्ता में आ गई और तत्कालीन परिवहन मंत्री रहे जीएस बाली एक बार फिर परिवहन मंत्री बन गए। मंत्री बनने के बाद उन्होंने भी विजिलेंस ब्यूरो और एचआरटीसी के अधिकारियों की जांच रिपोर्टों और कार्रवाई की सिफारिशों को नजरंदाज कर दिया। जिसके चलते आरोपी अधिकारी को भी छह महीने के अंदर क्लीन चिट मिल गई।

कार्रवाई की बजाए कर्मचारी को दे दी प्रमोशन

Big facts related to conductor recruitment in hrtc during 2003-04.

साथ ही चार्जशीट के जवाब में आरोपी अधिकारी ने जिस स्टेनोग्राफर की गलती बताई थी, उस पर भी कार्रवाई के बजाय पदोन्नति दे दी गई। विजिलेंस ब्यूरो की जांच रिपोर्ट, अभ्यर्थियों के आरोप और खुद एचआरटीसी के अधिकारियों की नाराजगी के बाद भी न तो भाजपा ने इस मामले को तूल दिया और न ही कांग्रेस सरकार ने इस पर कोई जांच या कार्रवाई की। साफ है कि मुख्यमंत्री रहे प्रेम कुमार धूमल और परिवहन मंत्री जीएस बाली दोनों ने ही इस भर्ती प्रक्रिया की अनियमितताओं को नजरअंदाज किया।

नहीं हुई थी अनियमितता : बाली
2003-04 में हुई कंडक्टर भर्ती नियमों के तहत हुई थी और उसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं थी। रही विजिलेंस ब्यूरो की जांच रिपोर्ट की बात, तो वह भाजपा सरकार ने कराई थी इसलिए उस पर प्रेम कुमार धूमल जी ही बेहतर बता पाएंगे।- जीएस बाली, परिवहन मंत्री

हमने जांच कराई, कांग्रेस ने रोक दी कार्रवाई
मामला संज्ञान में आने के बाद हमने जांच कराई थी। मामले में नियमानुसार हर कार्रवाई शुरू की गई लेकिन इस बीच कांग्रेस सत्ता में आ गई और कार्रवाई रोक दी गई।- प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री

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