फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Bhattakufar Mandi in bad shape; debris falling from the hillside, fruit boxes getting soaked in the rain.

Shimla News: भट्ठाकुफर मंडी बेहाल, पहाड़ी से गिर रहा मलबा, बारिश में भीग रही पेटियां

Wed, 01 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Bhattakufar Mandi in bad shape; debris falling from the hillside, fruit boxes getting soaked in the rain.
तिरपाल के सहारे शिमला जिले की एप्पल इकॉनमी
विज्ञापन

ए फोर एप्पल एक
जिला शिमला में स्टोन फ्रूट के बाद अब सेब का कारोबार शुरू हो गया है। राजधानी की भट्ठाकुफर फल मंडी में सेब की पेटियां पहुंचने लगी है। हालांकि, मंडी के भीतर के हालात बदतर हैं। एक ओर बरसात होते ही पहाड़ी से मलबा गिरना शुरू हो गया है तो दूसरी ओर बारिश का पानी पेटियों को भीगा रहा है। मजबूरन आढ़तियों को तिरपाल लगाकर पेटियां भीगने से बचानी पड़ रही है। संवाददाता अनिल पंवार ने मौके का जायजा लिया। पेश है यह रिपोर्ट...



संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की फल मंडी भट्ठाकुफर में सेब सीजन शुरू हो गया है। रोजाना 400 से ज्यादा सेब की पेटियां फल मंडी में पहुंच रही हैं। स्टोन फ्रूट की दस हजार से ज्यादा छोटी-बड़ी पेटियां मंडी में पहुंच रही हैं। हालांकि, मंडी के हालात बदतर हैं।
विज्ञापन

आढ़ती से लेकर बागवान तक परेशान हो रहे हैं। मानसून की बारिश शुरू होते ही मंडी पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरना शुरू हो गया है। मंगलवार शाम को भी पहाड़ी से पत्थर मंडी परिसर में गिरे हैं। इससे यहां कारोबार करने वाले आढ़ती डर के साये में हैं। दूसरी ओर बारिश का पानी मंडी में घुस रहा है। इससे सेब की पेटियां भीग रही हैं। भीगने से बचाने के लिए मौके पर तिरपाल लगाने पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

फर्श पानी से गीला न हो, इसके लिए पेटियों के नीचे बोरियां बिछानी पड़ रही हैं। बुधवार को हुई बारिश से मंडी के बाहर बनी पार्किंग भी पानी से लबालब भर गई। आढ़तियों के अनुसार एपीएमसी ने बारिश से बचाव के लिए चादरें लगाई है लेकिन उसमें भी पानी अंदर घुस रहा है। हालात यह हो रहे हैं कि पूरे परिसर में कीचड़ फैल रहा है। बारिश के दौरान मंडी परिसर में लोडिंग, अनलोडिंग में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बारिश होते ही नीलामी प्रक्रिया छोड़कर आढ़तियों को पेटियां भीगने से बचाने के लिए चारों तरफ तिरपाल लगाने पड़ रहे हैं।



डर के साये में हो रहा कारोबार
इस फल मंडी में अभी आधे हिस्से में ही कारोबार हो रहा है। मंडी का आधा हिस्सा क्षतिग्रस्त है। पहाड़ी से मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। बारिश होते ही कई बार पहाड़ी से पत्थर गिरने लगते हैं। इससे आढ़तियों को डर के साये में कारोबार करना पड़ रहा है। अभी 20 से 25 आढ़ती इस मंडी में कारोबार कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सेब की आपूर्ति बढ़ेगी तो यहां पर बारिश के दौरान सेब कारोबार में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।


बागवान बोले, मंडी की मरम्मत तक नहीं
फल मंडी में बुधवार को सेब लेकर पहुंचे कुमारसैन के राजेंद्र ठाकुर, करसोग के किशोरी लाल और ठियोग क्षेत्र सोहन ठाकुर ने बताया कि यह मंडी शिमला किन्नौर की सबसे बड़ी मंडी है। यहीं से सेब के कारोबार की शुरुआत हुई है। बीते कई साल से मंडी में यही हाल है। कहा कि पिछले साल भी मंडी में हालात बदतर थे। अब एक साल बाद भी तिरपाल के नीचे पेटियां रखनी पड़ रही हैं। सरकार और एपीएमसी लापरवाह बने हुए हैं। इसी कारण इस मंडी में कारोबार भी घट रहा है।



कोट
जल्द पूरा होगा दीवार लगाने का काम
भट्ठाकुफर फल मंडी को सुरक्षित करने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। मंडी के पिछले हिस्से में सुरक्षा दीवार को लगाया जा रहा है। सुरक्षा दीवार का आधा हिस्सा लगा दिया है। मानसून और सेब सीजन के चलते कार्य रुका है। बचा हुआ कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
-देवानंद वर्मा, अध्यक्ष, एपीएमसी शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article