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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Bank employees to go on a three-day strike; union says staff have no other option.

हिमाचल: तीन दिन हड़ताल पर रहेंगे बैंक कर्मी, यूनियन बोली- कर्मचारियों के पास और कोई विकल्प नहीं

Fri, 25 Sep 2026 04:32 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 25 Sep 2026 04:32 PM IST
सार

 हिमाचल प्रदेश यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने पत्रकार वार्ता में कहा कि सरकार ने मांगों को न मानकर कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने को मजबूर किया है।  30 माह से मांगों को लागू नहीं किया गया। कर्मचारियों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। 

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Bank employees to go on a three-day strike; union says staff have no other option.
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने की पत्रकार वार्ता। - फोटो : जागरूक पाठक

विस्तार

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर 28 से 30 सितंबर तक देश और प्रदेशभर के सभी पब्लिक सेक्टर बैंकों के कर्मचारी अपनी मांगों को मनवाने के लिए हड़ताल पर रहेंगे। यूएफबीयू हिमाचल प्रदेश इकाई के संयोजक नरेंद्र शर्मा, एआईबीओसी के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा, सचिव खेमराज वर्मा और फोरम में शामिल यूनियनों के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार और आरबीआई ने उनकी पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था और नई पीएलआई योजना को तुरंत वापस लेने जैसी जायज मांगों पर पिछले 33 महीनों से कोई फैसला नहीं लिया है। केंद्र सरकार और आरबीआई ने बैंक कर्मियों और एजीएम स्तर के अधिकारियों को हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर किया है।

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हड़ताल के दाैरान ये बैंकिंग सेवाएं रहेंगी जारी, रविवार को खुले रहेंगे बैंक
फोरम का आरोप है कि आरबीआई ने बिना यूनियनों को विश्वास में लिए रविवार को बैंक खुले रखने का एकतरफा फैसला लिया है, जो सरकार की फूट डालो और राज करो की नीति का हिस्सा है। बावजूद बैंक कर्मी आम जनता की सुविधा के लिए रविवार को शाखाओं में काम करेंगे, लेकिन सोमवार से तीन दिन की हड़ताल रहेगी, जो देश और प्रदेशभर में पूरी तरह सफल होगी। नरेंद्र शर्मा ने कहा कि बैंक कर्मियों की मांगें 2015 से लंबित पड़ी हैं, इसलिए देश के साथ-साथ प्रदेश में भी 28 से 30 सितंबर तक संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग पर ढाई साल पहले कई समझौते हुए थे, जिन्हें अभी तक लागू नहीं किया गया है। जब आरबीआई, एलआईसी और केंद्र के अन्य विभागों के कार्यालयों में पांच दिन की व्यवस्था लागू है, तो बैंकों में इसे क्यों नहीं लागू किया जा रहा है। फोरम के पदाधिकारियों ने कहा कि इस हड़ताल के दौरान ग्राहकों और आम लोगों को कुछ समस्या हो सकती है, लेकिन वे डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अपने बैंक के कार्य और लेनदेन कर सकते हैं।

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इन मांगों को लेकर हो रही हड़ताल
यूनियन लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग कर रहा है, जिसके तहत शनिवार और रविवार हो। यूनियन ने नई प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को वापस लेने की मांग की है, जिसे एकतरफा रूप से लागू किया गया है। फोरम के बैनर तले बैंक के हर वर्ग के कर्मचारी और अधिकारी 28 से 30 सितंबर तक चलने वाली हड़ताल के दौरान सुबह 11:30 बजे शिमला के सीटीओ चौक पर एकत्रित होकर अपनी मांगों को मनवाने के लिए शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन करेंगे।

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राज्य सहकारी बैंक नहीं हड़ताल में शामिल, जारी रहेगी ग्राहकों के लिए नियमित सेवाएं
 पब्लिक सेक्टर के बैंकों की 28 से 30 सितंबर तक रहने वाली देशव्यापी हड़ताल में हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक शामिल नहीं होगा। बैंक इन तीन दिनों में पहले की तरह अपने ग्राहकों को बैंक शाखाओं में सेवाएं जारी रखेगा। बैंक प्रबंध निदेशक विनय सिंह ने बताया कि चूंकि बैंक के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल नहीं है, इसलिए सोमवार, मंगलवार और बुधवार को बैंक में नियमित सेवाएं दी जाएंगी।

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