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हिमाचल समेत चार राज्यों के आलू बीज पर प्रतिबंध, ये है वजह

Sat, 27 Oct 2018 10:28 AM IST
विपिन काला/अशोक राणा, अमर उजाला, शिमला/केलांग
विपिन काला/अशोक राणा, अमर उजाला, शिमला/केलांग Updated Sat, 27 Oct 2018 10:28 AM IST
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ban on potato seed in Four States including Himachal Pradesh
potato

हिमाचल समेत उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और तमिलनाडु में पैदा होने वाले आलू बीज पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। केंद्रीय एजेंसी के सर्वे में इन राज्यों के आलू बीज में सूत्र कृमि (निमेटोड) पाया गया। इसके बाद केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने रोक लगा दी है।

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इससे लाखों किसानों को झटका लगा है। देश के प्रमुख आलू उत्पादक राज्यों में शुमार हिमाचल के लाहौल-स्पीति, बरोट और कुफरी में सबसे ज्यादा आलू बीज तैयार किया जाता है।
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हालांकि, केंद्र ने इतनी छूट दी है कि ये राज्य आलू को खाने के लिए बेच सकते हैं, वहीं खाने वाले आलू का भी उत्पादन कर सकते हैं और बाहरी राज्यों में बेच सकते हैं। आलू में सूत्र कृमि होने से मानव जीवन पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है।
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सूत्र क्रीमी से आलू बीज की पैदावार करीब दस फीसदी तक कम रहती है और इसे बीजने से जमीन भी खराब होती है। हिमाचल में किसान प्रमुख रूप से हिमालनी, गिरिधारी, ज्योति, चंद्रमुखी आदि आलू की प्रमुख किस्में तैयार करते हैं।

लाहौली आलू की 2 लाख बोरियां देश की मंडियों में पहुंचीं

ban on potato seed in Four States including Himachal Pradesh

लाहौल घाटी में ही करीब डेढ़ हजार हेक्टेयर भूमि पर आलू बीज का उत्पादन होता है। इस बार लाहौली आलू बीज की करीब 2 लाख बोरियां देश की मंडियों में पहुंच चुकी हैं।

बेहतर गुणवत्ता के कारण लाहौल के आलू बीज की पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका समेत पंजाब, पश्चिमी बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों से मांग रहती है।

केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) के निदेशक डा. एसके चक्रवर्ती कहते हैं कि केंद्र सरकार ने हिमाचल समेत चार राज्यों के आलू बीज पर रोक लगा दी है। ये राज्य भोज्य (खाने वाला) आलू ही दूसरे राज्यों में बेच पाएंगे। आलू बीज पर सूत्र कृमि का असर किसानों की लापरवाही के कारण आया है। 

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खेतों में एक साल आलू उगाने के बाद तीन साल तक दूसरी फसलें जैसे फ्रासबीन, जौ, मटर और सोयाबीन उगाएं। खेतों में हर साल आलू की फसल लेने से सूत्र कृमि की समस्या पैदा होती है। इसका समाधान फसल बदलना ही है। इस समस्या से निजात के बाद ही किसान आलू बीज तैयार कर पाएंगे।

हिमाचल के आलू बीज पर प्रतिबंध से हैरान हैं। जांच के लिए एजेंसी ने किस इलाके के आलू बीज के सैंपल भरे हैं, इसका पता लगाया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इसकी जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है।- डॉ. रामलाल मारकंडा, कृषि मंत्री, हिमाचल सरकार

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