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भर्ती में बैक डोर इंट्री से एचपीयू की साख पर सवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 30 Nov 2015 10:14 PM IST
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एचपीयू में रविवार के दिन पत्रकारिता विभाग में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और सीएएस के साक्षात्कार पर बवाल शांत होता नहीं दिख रहा है। छात्र संगठनों ने ईसी सदस्यों से इसे बैक डोर एंट्री करार देकर साक्षात्कार रद्द करने की मांग की। प्रोफेसर, एसोसिएट के एक-एक पद के लिए सभी आवेदनकर्ता एपीआई (एकेडमिक परफार्मेंस इंडिकेटर) को ही पूरा नहीं कर पाए।
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दोनों पदों के लिए आए आठ और 11 आवेदनों में प्रोफेसर पद पर सूबे के उम्मीदवार को एक्सीलेंस इन प्रोफेशन (पत्रकारिता) के आधार पर पात्र पाया गया। एसोसिएट पद पर दिल्ली के एक उम्मीदवार ने एपीआई स्कोर 300 को पार किया। एक-एक पद के लिए एक-एक ही उम्मीदवारों के साक्षात्कार रविवार को करवाए गए। इसी पर बवाल मचा है। सवाल पात्रता तय करने वाली कमेटी पर भी उठ रहे है। एसएफआई ने रविवार के दिन साक्षात्कार करवाने पर आपत्ति जताई और प्रदर्शन किया।
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राज्यपाल, सीएस को पत्र लिख उठाए सवाल- पत्रकारिता विभाग के एसोसिएट पद की आवेदनकर्ता डा. मोनिका वर्मा ने राज्यपाल, मुख्य सचिव और कुलपति को लिखे पत्र में भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कहा है कि सितंबर में विज्ञापित पदों में आवेदन पत्र के साथ कोई एपीआई स्कोर की न तो शर्त थी और न ही उसमें इसे भरने को फॉर्म था। शर्त बाद में जोड़ी गई तो सूचित किया जाना चाहिए था।
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यूजीसी की पात्रता शर्तों में एपीआई को अनिवार्य शर्त नहीं है। आरोप है कि किसी भी विवि में एक पद के लिए एक उम्मीदवार नहीं बुलाया जाता। जिन्होंने आवेदन किया है, उन सभी को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना चाहिए था। मोनिका ने कहा कि एसोसिएट पद के लिए जरूरी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी में उन्होंने आवेदन किया है, जहां उनका एपीआई स्कोर तीन सौ के आसपास है। साक्षात्कार के लिए उन्हें बाकायदा कॉल लेटर भेजा गया। छंटनी से लेकर साक्षात्कार तक प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। इस पर तुरंत रोक लगे। रोक न लगने पर वे कोर्ट जाएंगी।
हाईपावर स्क्रीनिंग कमेटी ने की स्क्रीनिंग- कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि स्क्रीनिंग विशेष हाईपावर कमेटी ने की है। कमेटी ने फैसला लिया था कि एक आवेदन आने पर भी साक्षात्कार होगा। कमेटी में डीएस, विषय विशेषज्ञ शामिल थे। साक्षात्कार, भर्ती प्रक्रिया पर फैक्स से सोमवार को ही आपत्ति आई है।
इस पर विचार किया जाएगा, गलती हुई तो उसे स्वीकार भी किया जाएगा। इसके बावजूद शिकायत रहती है, तो कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। सेलेक्शन कमेटी में शामिल विशेषज्ञों और सदस्यों की सुविधा को करीब 15 दिन पहले साक्षात्कार की तिथि तय की थी।
एपीआई स्कोर में जितने आवेदन आए थे, उनमें सिर्फ एक एसोसिएट प्रोफेसर के लिए दिल्ली के आवेदनकर्ता धर्मेंद्र सिंह को कमेटी ने पात्र पाया। प्रोफेसर पद के लिए शशिकांत शर्मा को एक्सीलेंस इन प्रोफेशन के तहत पात्र पाया गया है। स्क्रीनिंग में दोनों को पात्र पाया गया।