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Shimla News: भट्ठाकुफर फल मंडी में बाबूगोशा नाशपाती की दस्तक
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80 से 120 रुपये प्रतिकिलो बिकी बाबूगोशा, पिछले साल की अपेक्षा कम रहे दाम
बीते साल बाबूगोशा 110 से 130 रुपये प्रतिकिलो बिकी थी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की भट्ठाकुफर फल मंडी में मोटी डंडी के बाद सोमवार को बाबूगोशा नाशपाती ने भी दस्तक दे दी। मंडी में इसे 80 से 120 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से दाम मिले हैैं।
चौपाल से बागवान भट्ठाकुफर फल मंडी में बाबूगोशा के 12 हाफ बॉक्स लेकर पहुंचा था जिसे पीआरजे ट्रेडर फर्म नंबर 53 पर 800 से 1200 रुपये प्रति बॉक्स दाम मिले। हाफ बॉक्स में दस किलो तक नाशपाती होती है। हालांकि यह दाम बीते वर्ष के मुकाबले थोड़े कम हैं। बीते वर्ष बाबूगोशा की शुरुआत 110 से 130 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से हुई थी। इसके अलावा मंडी में मोटी डंडी की नाशपाती की एक दिने में दो से तीन हजार पेटी पहुंच रही हैं। इसकी 20 किलो की पेटी को 1500 से 2000 रुपये तक दाम मिल रहे हैं। आढ़ती सूरज ने बताया कि आने वाले दिनों में खेप बढ़ने के साथ इसके दामों में भी उछाल आना शुरू होगा। बाहरी राज्यों में इसकी भारी डिमांड होती है।
बाबूगोशा दूसरी नाशपाती से बिल्कुल अलग होती है। बाबूगोशा का आकार बल्ब जैसा होता है, जबकि अन्य नाशपाती गोल होती है। इसके अलावा विटामिन सी की मात्रा नाशपाती से कम होती है, लेकिन इसमें फाइबर और अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। लोग इसे ज्यादा खाना पसंद करते हैं। यह खाने में बहुत मीठा और मुलायम होता है। वहीं पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और वजन कम करने में मदद करता है।
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आधिकारिक तौर पर आज से शुरू होगा सेब सीजन
जिले में आधिकारिक तौर पर सेब सीजन 15 जुलाई से शुरू हो गया। भट्ठाकुफर और पराला फल मंडी में टाइडमैन, रेड जून, रॉयल, स्पर और गाला सेब की खेप पहुंचना शुरू हो गई है। इस वर्ष बीते साल के मुकाबले कम फसल होने के चलते शुरुआत में ही बागवानों के बेहतर दाम मिलना शुरू हो गए हैं। इस सीजन में अभी तक सेब की 20 किलो की पेटी को सबसे अधिक दाम 4200 रुपये मिले हैं। यह सेब की डार्क बैरन गाला किस्म थी।
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बीते साल बाबूगोशा 110 से 130 रुपये प्रतिकिलो बिकी थी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी की भट्ठाकुफर फल मंडी में मोटी डंडी के बाद सोमवार को बाबूगोशा नाशपाती ने भी दस्तक दे दी। मंडी में इसे 80 से 120 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से दाम मिले हैैं।
चौपाल से बागवान भट्ठाकुफर फल मंडी में बाबूगोशा के 12 हाफ बॉक्स लेकर पहुंचा था जिसे पीआरजे ट्रेडर फर्म नंबर 53 पर 800 से 1200 रुपये प्रति बॉक्स दाम मिले। हाफ बॉक्स में दस किलो तक नाशपाती होती है। हालांकि यह दाम बीते वर्ष के मुकाबले थोड़े कम हैं। बीते वर्ष बाबूगोशा की शुरुआत 110 से 130 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से हुई थी। इसके अलावा मंडी में मोटी डंडी की नाशपाती की एक दिने में दो से तीन हजार पेटी पहुंच रही हैं। इसकी 20 किलो की पेटी को 1500 से 2000 रुपये तक दाम मिल रहे हैं। आढ़ती सूरज ने बताया कि आने वाले दिनों में खेप बढ़ने के साथ इसके दामों में भी उछाल आना शुरू होगा। बाहरी राज्यों में इसकी भारी डिमांड होती है।
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बाबूगोशा दूसरी नाशपाती से बिल्कुल अलग होती है। बाबूगोशा का आकार बल्ब जैसा होता है, जबकि अन्य नाशपाती गोल होती है। इसके अलावा विटामिन सी की मात्रा नाशपाती से कम होती है, लेकिन इसमें फाइबर और अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं। लोग इसे ज्यादा खाना पसंद करते हैं। यह खाने में बहुत मीठा और मुलायम होता है। वहीं पाचन क्रिया को बेहतर बनाने और वजन कम करने में मदद करता है।
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आधिकारिक तौर पर आज से शुरू होगा सेब सीजन
जिले में आधिकारिक तौर पर सेब सीजन 15 जुलाई से शुरू हो गया। भट्ठाकुफर और पराला फल मंडी में टाइडमैन, रेड जून, रॉयल, स्पर और गाला सेब की खेप पहुंचना शुरू हो गई है। इस वर्ष बीते साल के मुकाबले कम फसल होने के चलते शुरुआत में ही बागवानों के बेहतर दाम मिलना शुरू हो गए हैं। इस सीजन में अभी तक सेब की 20 किलो की पेटी को सबसे अधिक दाम 4200 रुपये मिले हैं। यह सेब की डार्क बैरन गाला किस्म थी।