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एक्सपायरी लाइसेंस की आड़ में हिमाचल में बन रहीं दवाइयां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 20 Sep 2018 01:25 PM IST
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हिमाचल में फार्मेसी एक्सपायरी लाइसेंस के ही आयुर्वेद दवाइयां बन रही हैं। आयुर्वेदिक विभाग की ओर से प्रदेश में की गई छापेमारी से इसका खुलासा हुआ है। बीते महीने आयुर्वेद विभाग की टीम ने प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में 61 फार्मेसियों में छापेमारी की। इनमें से 8 फार्मेसियां ऐसी पाई गई जिनके लाइसेंस एक्सपायर हो गए थे।
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इसके अलावा 21 फार्मेसियों के पास अग्निशमन का अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं पाया गया। 10 फार्मेसियों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की स्वीकृत नहीं थी। 15 फार्मेसियां ऐसी पाई गई जिनके पास फार्मेसिस में निकलने वाला कचरे का निस्तारण समझौता प्रमाण पत्र नही था जबकि 13 ऐसी फार्मेसियां ऐसी पाई गई, जिनके पास वजन और माप तोल के लिए रखी गई मशीनों का अधिकृत प्रमाण पत्र नहीं था।
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आयुर्वेद विभाग ने इन फार्मेसियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक आयुर्वेद संजीव भटनागर ने बताया कि विभाग की ओर से छापेमारी करने के लिए 18 औषध निरीक्षक अधिसूचित किए गए। उप निदेशकों एवं जिला आयुर्वेदिक अधिकारियों की अगुवाई में इनकी 10 टीमें गठित की गई।
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टीमों ने फार्मेसियों का औचक निरीक्षण किया। चार दिवसीय मुहिम इस मुहिम विभागीय अफ सरों ने दवाइयों के उत्पादन की जांच की। आयुर्वेद निदेशक ने बताया कि विभाग अच्छी किस्म की दवाइयां तैयार करने को लेकर यह छापेमारी की गई। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से जल्द ही खुले बाजार एवं आयुर्वेद फार्मेसियों से औषध नमूनों की जांच कराई जाएगी।