फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Attention! lousy rations at govt shop

सावधान! आपके राशन में मिलाए जा रहे कंकड़ पत्थर

Tue, 22 Jul 2014 11:18 AM IST
Updated Tue, 22 Jul 2014 11:18 AM IST
विज्ञापन
Attention! lousy rations at govt shop

खाद्य आपूर्ति निगम की ओर से सरकारी दुकानों में दी जा रही राशन की सप्लाई पर सवाल उठ गए हैं। आटे से अधिक मात्रा में चोकर निकाली जा रही है। दालों में कंकड़ और सरसों तेल घटिया क्वालिटी का उपलब्ध कराया जा रहा है।

विज्ञापन


इसका खुलासा खाद्य आपूर्ति विभाग और निगम की ओर से लिए गए सैंपलों में हुआ है। नवंबर 2013 से जून 2014 तक खाद्य आपूर्ति विभाग ने प्रदेश के विभिन्न राशन की दुकानों, गोदामों से खाद्य वस्तुएं के सैंपल लिए हैं।
विज्ञापन


इसमें 43 सैंपल फेल हुए हैं। फेल हुए सैंपल में दाल चना के 4 सैंपल, शुगर एस-30 के 2, शुगर एस-31 के 4 सैंपल, रुचि गोल्ड तेल के 11 सैंपल, गोकुल के 5 सैंपल, राजधानी तेल के 2 सैंपल, पीवी तेल का 1 सैंपल, विकटरी तेल का 1 सैंपल, नमक के सैंपल फेल हुए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

मानक पर फेल हो रहा राशन

Attention! lousy rations at govt shop

प्रदेश के 16 लाख राशन कार्ड धारकों को बेहतर राशन के लिए मापदंड तय हैं। केंद्र सरकार सब्सिडी के तौर पर गंदम उपलब्ध कराती है जबकि प्रदेश सरकार अपने स्तर पर मीलों में गंदम की पिसाई करती है।

नियमों के मुताबिक 1 क्विंटल गंदम से 5 किलोग्राम चोकर निकाल सकते हैं, इसी तरह दालों में एक फीसदी तक कंकड़ रह सकता है। इससे ज्यादा कंकड़ रहने पर सैंपल फेल माना जाता है।

खाद्य, आपूर्ति निगम के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुमित खिमटा का कहना है कि फेल हुए सैंपल पर संबंधित सप्लायर पर कार्रवाई की जाएगी। खाद्य वस्तुएं सप्लाई करने वाली कंपनी की सिक्योरिटी मनी से 20 फीसदी राशि काटी जाएगी।

आप भी पहचान सकते हैं मिलावट

Attention! lousy rations at govt shop

खाद्य आपूर्ति निगम की प्रयोगशाला के मुताबिक आटे से अगर अधिक मात्रा में चोकर निकाली जाए तो रोटी का रंग सफेद होगा और 5 मिनट के भीतर रोटी सूख जाएगी। रोटी एक दम करारी होगी।

इसी तरह दालों में अगर कंकड़ होते हैं तो वह सैंपल फेल है। कंकड़ एक फीसदी तक हो सकता है लेकिन ये कंकड़ नजर नहीं आ सकता। इसका पता सिर्फ प्रयोगशाला में ही लग सकता है।

तेल केमिकल पर निर्भर रहता है। तेल को गर्म कढ़ाई में डालने से अगर तेल चिटकता है तो वह ठीक नहीं माना जाता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed