अटल की बेटी ने कहा है- कभी नहीं छोड़ सकते हैं मनाली
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मनाली के अलेऊ में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की श्रद्घांजलि सभा में मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने अटल की यादों को ताजा किया। कहा कि दिल्ली में अटल की बेटी नमिता भट्टाचार्य से मुलाकात हुई तो उन्हें मनाली आने के लिए कहा।
इस पर उन्होंने कहा कि बाप जी मनाली की यादों को कभी नहीं भुला सकते हैं। मनाली को कभी नहीं छोड़ सकते हैं। मनाली उनके लिए भी दूसरा घर है। कहा कि अलेऊ स्थित इसी सभागार में वर्ष 2002 में कवि सम्मेलन चल रहा था। इस बीच पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने खूब कविताएं पढ़ी।
उन्हें मनाली में लॉग हट में रहना पसंद था। हालांकि उन्होंने विद्या सागर के किराये के कमरे में भी कुछ समय गुजारा। कहा कि अटल जी की याद में कुछ ऐसा किया जाना चाहिए कि सभी को याद रहे। इसके लिए सभी के सुझाव आमंत्रित है। उन्होंने अटल की कविताएं पढ़कर उन्हें श्रद्घांजलि दी।
अटल दुनिया के आदर्श रहें
कहा कि अटल दुनिया के आदर्श रहें। सांसद रामस्वरूप शर्मा ने कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी ने कवि, नेता, प्रधानमंत्री के रूप में देश को एक नई दिशा प्रदान की है। जिसे भूलाया नहीं जा सकता है।
वहीं, पूर्व सांसद महेश्वर सिंह ने कहा कि पूर्व पीएम वाजपेयी को शांत वादियों पसंद थी। मौहल रेस्ट हाउस में ब्यास नदी किनारे उन्हें कविताएं लिखना पसंद था। पहाड़ों के लिए अटल की देन प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना धरातल स्तर पर फायदेमंद साबित हुई है।
वहीं, स्थानीय ठाकुर दास ने कहा कि वाजपेयी प्रीणी पहुंचते स्थानीय लोगों को उनके आने की सूचना भेजते थे और खेद प्रकट करते थे कि उनके आने से लोगों को परेशानी होगी। सिक्योरिटी के कारण लोगों को परेशानी होने पर वह दुख जाहिर करते थे।