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ये संस्थान रेस्क्यू करेगा मणिमहेश यात्रा के दौरान चोटिल श्रद्धालु

Thu, 23 Aug 2018 01:04 PM IST
रणजीत शर्मा, अमर उजाला, भरमौर(चंबा)
रणजीत शर्मा, अमर उजाला, भरमौर(चंबा) Updated Thu, 23 Aug 2018 01:04 PM IST
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Atal Bihari Institute of Mountaineering will rescue the injured pilgrims during Manimesh Yatra

मणिमहेश यात्रा के दौरान चोटिल होने वाले श्रद्धालुओं को रेस्क्यू करने का जिम्मा अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान भरमौर की टीम हो सौंपा गया है। इतना ही नहीं, यह रेस्क्यू टीम अति चोटिल और यात्रा के दौरान किसी कारणवश जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के शवों को सिविल अस्पताल भरमौर तक लेकर आएगी।

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रेस्क्यू टीम के गौरीकुंड और धनछौ में 16-16 सदस्य , सुदंरासी और डलझील में 10-10, जैलखड्ड कलाह और कुगति परिक्रमा के मार्ग पर 5-5 सदस्य तैनात रहेंगे। अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान भरमौर की रेस्क्यू टीम में भरमौर के स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक शामिल किया गया है।  
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गौरतलब है कि पवित्र मणिमहेश यात्रा 2 सितंबर से आरंभ हो रही है।

यात्रा में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए भरमौर प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इसके अलावा मणिमहेश यात्रा के दौरान चोटिल होने वाले श्रद्धालुओं और बीच राह में किसी कारणवश जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के शवों को सिविल अस्पताल भरमौर तक लाने का जिम्मा अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान भरमौर को दिया गया है।

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पिछले साल एक श्रद्धालु की हुई थी मौत

Atal Bihari Institute of Mountaineering will rescue the injured pilgrims during Manimesh Yatra

इतना ही नहीं, हड़सर से सिविल अस्पताल तक चोटिल और शवों को लाने के लिए संस्थान को भरमौर प्रशासन की ओर से पहली बार गाड़ी भी प्रदान करवाई गई है। बता दें कि मणिमहेश यात्रा पर हड़सर से डलझील तक 13 किलोमीटर तक लोग पैदल पहुंचते हैं।

इसके अलावा कुगति कैलाश परिक्रमा और होली से वाया जैलखड्ड कलाह होते हुए भी शिवभक्त डल झील पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए सुदंरासी, डलझील, कुगति परिक्रमा, कलाह परिक्रमा, धनछौ और गौरीकुंड में सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों पर अटल बिहारी पर्वतारोहण सस्थान भरमौर की रेस्क्यू टीम के सदस्य तैनात रहेंगे।

अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान भरमौर की इस टीम में 67 के करीब रेस्क्यू करने के लिए तैनात रहेंगे। रेस्क्यू टीम में 25 सदस्यों को बढ़ाया गया है। जिसमें स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान किया गया है। 

मणिमहेश यात्रा के दौरान वर्ष 2017 में छनछौ में एक श्रद्धालु की मौत हो गई थी। रेस्क्यू टीम की व्यवस्था न होने की सूरत में डेढ़ दिन तक शव धनछौ में ही पड़ा रहा। जिस पर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की ओर से कड़ा ऐतराज जताया गया था।  

प्रशासन टीम को मुहैया करवाएगा गाड़ी
अटल बिहारी पर्वतारोहण संस्थान भरमौर के इंचार्ज जितेंद्र कुमार ने बताया कि चोटिल और यात्रा के दौरान जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के शवों को सिविल अस्पताल तक रेस्क्यू टीम की ओर से पहुंचाया जाएगा। इसके लिए बाकायदा प्रशासन की ओर से गाड़ी भी प्रदान की गई है।

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