मुफ्त का पानी डकार रहे हैं आपके विधायक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य के कई विधायक सालों से मुफ्त का पानी पी रहे हैं। विधानसभा के एमएलए हास्टल पर नगर निगम का करीब 20 लाख रुपये का पानी बिल बकाया है। लंबे समय से यह बिल नहीं चुकाया गया है।
नगर निगम ने भी लापरवाही की हद पार कर दी है। एमएलए हास्टल को डिफाल्टर लिस्ट में भी शामिल नहीं किया। बकाया नहीं चुकाने वाले माननीयों के पानी के कनेक्शन काटने में भी अफसरों के हाथ कांप रहे हैं।
विधायकों पर नगर निगम की मेहरबानी जारी है। लाखों रुपये का बिल न देने के बाद भी प्रशासन मौन है। पानी के कनेक्शन काटने के बजाय मामले पर अनभिज्ञता जाहिर की जा रही है।
विधानसभा में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता के नाम पर पानी के चार कनेक्शन लगाए हैं। चारों कनेक्शनों के बिलों की बकाया राशि करीब 20 लाख रुपये है।
कब होगी कार्रवाई
एक नोटिस देने के बाद आम आदमी पर कार्रवाई करने वाले नगर निगम प्रशासन ने 20 लाख रुपये के पानी के बिल लंबित होने के बावजूद अभी तक कार्रवाई नहीं की है।
हर साल नगर निगम डिफाल्टर लिस्ट जारी करता है। इस साल की डिफाल्टर लिस्ट पर नगर निगम ने काम करना शुरू कर दिया है। इसके तहत जो लोग 31 मार्च तक पानी का बिल नहीं देंगे, उनके कनेक्शन काट दिए जाएंगे। लेकिन एमएलए हास्टल के खिलाफ कार्रवाई करने में नगर निगम गुरेज कर रहा है।
नगर निगम का शहर के कई उपभोक्ताओं पर पानी के बिलों का करीब ढाई करोड़ रुपये बकाया है। व्यावसायिक कनेक्शन धारक इसमें अधिक हैं। इन सभी डिफाल्टर उपभोक्ताओं की लिस्टें तैयार की जा रहा है।
शहर के घरेलू उपभोक्ताओं के पानी के बिल सितंबर 2014 से जारी नहीं किए गए हैं। राज्य सरकार द्वारा फ्लैट रेट की अधिसूचना जारी नहीं करने के चलते मामला लटक गया है।
उपमहापौर टिकेंद्र पंवर ने कहा कि बिल लगातार जारी किए जा रहे हैं। लेकिन इन्हें जमा नहीं करवाया जा रहा। इस बारे में विधानसभा अध्यक्ष से बात की जाएगी। नियम सभी के लिए एक समान है।