हिमाचल में इनसे छीनी गईं छापामारी की शक्तियां
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हिमाचल प्रदेश में अब आबकारी अधिनियम के तहत होने वाली छापामारी हेड कांस्टेबल अपने दम पर नहीं कर सकेंगे। शराब आदि के मामलों में कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल से ये शक्तियां छीन ली गई हैं। सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) या इससे ऊपर के रैंक का पुलिस अधिकारी ही छापामारी कर सकेगा। आबकारी अधिनियम 2011 में संशोधन में यह व्यवस्था की गई है।
अधिनियम की धारा 6 की उप धारा (1), (2) और (3) में निर्देश दिए गए हैं कि आबकारी अधिनियम के मामलों में निरीक्षण करने, छापामारी करने, प्रवेश करने या अन्वेक्षण करने का अधिकार एएसआई या इससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को ही रहेगा। गौरतलब है कि पुलिस विभाग में पहले हेड कांस्टेबल को भी छापामारी एवं अन्वेक्षण की शक्तियां थीं।
उपमंडल मजिस्ट्रेट, तहसीलदार को भी दीं शक्तियां
इसके अलावा आबकारी एवं कराधान विभाग में आबकारी निरीक्षक या इससे ऊपर के रैंक का अधिकारी ही ऐसे मामलों में कार्रवाई कर सकता है। यही नहीं, अधिनियम में संशोधन के तहत उपमंडल मजिस्ट्रेट, तहसीलदार को भी छापामारी की शक्तियां दी गई हैं। एएसपी भूपेंद्र कंवर ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने कहा कि पहले हेड कांस्टेबल ऐसे मामलों का अन्वेक्षण कर सकते थे। उन्हें छापामारी का भी अधिकार था, लेकिन अब एएसआई से नीचे के रैंक के पुलिस कर्मी छापामारी नहीं कर सकेंगे।