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भाखड़ा बांध पर जब पैराशूट से एक साथ उतरे सेना के 46 जवान
अशोक चोपड़ा/अमर उजाला, नंगल/ऊना
Updated Sat, 22 Apr 2017 04:11 PM IST
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देश के बड़े बांधों पर आतंकी साये के बीच शुक्रवार को भारतीय सेना ने 1700 फीट लंबे और 741 फीट ऊंचे भाखड़ा बांध की सुरक्षा व्यवस्था का हाईटेक तरीके से जायजा लिया। सेना ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर हेलीकॉप्टर से भाखड़ा बांध की सुरक्षा जांची और विशाल गोविंद सागर झील में पैराशूट से जवान से उतारे।
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सेना के कर्नल रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में आए 46 जवानों के एक विशेष दल ने हर आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉकड्रिल की। इन जवानों ने किसी भी घटना से निपटने के लिए जरूरी हर कदम को गहनता से परखा। पुख्ता सूत्रों के अनुसार आईबी की ओर से मिले इनपुट के बाद सेना की ओर से यह मॉकड्रिल की गई।
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सेना के जवानों के किए गए इस अभ्यास का वीडियो भी वायरल हो गया है। बताया जा रहा है कि ताजा इनपुट के बाद बीबीएमबी और सुरक्षा एजेंसियों ने भाखड़ा डैम की सुरक्षा भी बढ़ा दी है। हालांकि, अधिकारी किसी भी पुष्टि से इंकार कर रहे हैं। इसे रूटीन का अभ्यास बताया जा रहा है।
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बता दें कि उत्तर भारत को बिजली और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाने वाला विश्व प्रसिद्ध भाखड़ा बांध आतंकियों के निशाने पर रहा है। हिमाचल में सतलुज, ब्यास, रावी पर बने बिजली प्रोजेक्टों के बांधों में भी सुरक्षा चाक चौबंद है।
उधर, जब भाखड़ा बांध प्रोजेक्ट के सुरक्षा अधिकारी डीएसपी दलजीत सिंह भुल्लर से संपर्क किया तो उन्होंने किसी भी तरह के धमकी पत्र मिलने से इंकार किया। सेना के अभ्यास को रूटीन बताया। उन्होंने कहा कि भाखड़ा डैम अति संवेदनशील श्रेणी में आता है। यहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहती है।