'मैं घरवालों का गुनहगार हूं' लिखकर सेना के जवान ने खुद को मार ली गोली
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पठानकोट के सिंबल चौक स्थित सेना की 17 ग्रेनेडियर यूनिट में तैनात जवान ने शनिवार की देर रात अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में जवान ने खुद को घरवालों का गुनहगार बताया है। मृतक की पहचान मुकेश (21) पुत्र बहादुर सिंह निवासी गांव बाबत, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश के रूप में हुई है। मुकेश सेना में बतौर कांस्टेबल तैनात था।
मुकेश की शनिवार रात अपनी यूनिट के गेट पर ड्यूटी थी। रात करीब 12 बजे मुकेश ने अपनी सर्विस राइफल से गले में गोली मार ली। गोली की आवाज सुन अन्य जवान मौके पर पहुंचे। वहां मुकेश जमीन पर खून से लथपथ पड़ा था और उसकी राइफल भी पास ही पड़ी थी। कांस्टेबल मुकेश करीब दो वर्ष पहले सेना में भर्ती हुआ था।
थाना मामून के प्रभारी राजिंदर मन्हास ने बताया कि मुकेश के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इसमें उसने लिखा है कि मै अपनी नजरों में पापी हूं और अपने घर वालों का गुनहगार हूं, इसलिए मैं अपने आप को माफ नहीं कर सकता। थाना प्रभारी ने बताया पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
दो महीने में तीसरे जवान ने की खुदकुशी
जिले में दो माह के दौरान सेना के जवानों की ओर से अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या करने का यह तीसरा मामला सामने आया है। इससे पहले 8 मई को बमियाल सेक्टर में बीएसएफ के कांस्टेबल अनिल मांझी निवासी झारखंड ने सर्विस रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
आत्महत्या का कारण पुलिस को पता नहीं चल पाया था। इसके बाद 29 मई को मामून कैंट में सेना के लांसनायक सुभाष प्रसाद निवासी बिहार ने अपनी सर्विस राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने सुभाष प्रसाद के मानसिक रूप से परेशान होने की बात कही थी। Published by Arvind Thakur