इन तीन जिलों में सरकार खोलेगी सेना कोचिंग सेंटर
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पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने भारत-पाकिस्तान युद्ध विजय दिवस रविवार को धूमधाम से मनाया। 16 दिसंबर 1971 में हुए इस युद्ध में हिमाचल के 190 सैनिकों ने शहादत पाई थी। कार्यक्रम में प्रदेश सैनिक कल्याण मंत्री महेंद्र ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों व हिमाचल के बच्चों को सेना के लिए तैयार करने को मंडी, बिलासुपर और ऊना में तीन कोचिंग सेंटर खोलेगी। सरकार ने विधानसभा में हिमालयन रेजिमेंट बनाने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पास किया है
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक जीत राम कटवाल व बिटिया फाउंडेशन की प्रदेशाध्यक्ष सीमा सांख्यान वरिष्ठ अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। डिप्टी डायरेक्टर राज्य सैनिक बोर्ड केएस अत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रथम विश्व युद्ध व दूसरे विश्व युद्ध में सेवाएं दे चुके पूर्व सैनिकों के परिजनों को किन्हीं कारणों से पेंशन की सुविधा नहीं मिल पाई है।
प्रदेश सरकार द्वारा तीन हजार पेंशन संबंधित मामलों को स्वीकृत किया जा चुका है और अभी तक कोई भी प्रमाणपत्र बोर्ड को प्राप्त नहीं हुआ है। इस अवसर पर अल्फा पब्लिक स्कूल के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
14 दिन चला था भारत-पाक युद्ध
पूर्व सैनिक समिति के प्रदेशाध्यक्ष सूबेदार प्रकाश चंद ने कहा कि भारत-पाक युद्ध 14 दिन तक चला था। इसमें देश के 3843 जबकि हिमाचल के 190 सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा करते अपने प्राणों की आहुति दी।
भारतीय सेना ने पाकिस्तान के 97,368 सैनिक बंदी बनाए जबकि 4350 सैनिकों को जख्मी किया, 20 हजार सैनिकों को मौत के घाट उतारा गया। इस युद्ध में प्रदेश के सैनिकों को 24 वीरचक्र, दो महावीर चक्र, एक शौर्यचक्र, दो पीवीएसएम व 6 सेना मेडल मिले।
इन पूर्व सैनिकों को किया गया सम्मानित
इस अवसर पर वीर चक्र विजेता कैप्टन रूप लाल, शौर्य चक्र विजेता मेजर राकेश शर्मा, कैप्टन योगेंद्र पाल, बीआर भाटिया, सूबेदार हरि सिंह, हवलदार कुलदीप, हवलदार प्रकाश चंद, हवलदार सुशील कुमार, हवलदार मनोज कुमार, हवलदार लच्छू राम, हवलदार देशराज, हवलदार ओंकार सिंह, हवलदार जीतराम मन्हास, सूबेदार बलदेव शर्मा, वीर नारियों में कर्मी देवी, रत्नी देवी, मीरा देवी, सरवनो देवी, राजो देवी व कैप्टन अनंतराम को सम्मानित किया गया।