{"_id":"5d21e5c18ebc3e6d08068fc0","slug":"arajpatrit-mahasangh-leader-vinod-kumar-statement","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्यान निदेशालय सभागार में महासंघ चुनाव के नाम पर हुई प्रक्रिया अनैतिक: विनोद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्यान निदेशालय सभागार में महासंघ चुनाव के नाम पर हुई प्रक्रिया अनैतिक: विनोद
Sun, 07 Jul 2019 06:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 07 Jul 2019 06:00 PM IST
विज्ञापन
हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के संयोजक विनोद कुमार
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के संयोजक विनोद कुमार ने कहा कि उद्यान निदेशालय के सभागार में महासंघ चुनाव के नाम पर ड्रामा हुआ है। यह कर्मचारियों के साथ एक बड़ी जालसाजी हुई है। यह पूरी तरह गैरकानूनी और अनैतिक कार्य है। महासंघ ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती और चारों सांसदों से भी मांग की है कि इस पर गंभीरता से विचार करें। महासंघ के चुनाव 21 जुलाई को किसान भवन बिलासपुर में होने हैं।
विज्ञापन
विनोद ने जारी बयान में कहा कि आनन-फानन में महासंघ का यह चुनावी ड्रामा कर्मचारी वर्ग को हानि पहुंचाने की बड़ी साजिश है। इसे प्रदेश के कर्मचारी बर्दास्त नहीं करेंगे। चुनाव महासंघ के तय संविधान के तहत लंबी प्रक्रिया के अनुसार होते हैं। इसलिए कर्मचारियों की इस विश्वसनीय संस्था को हाइजेक किया जाना गैरकानूनी और अनैतिक कार्य है।
विज्ञापन
इस चुनावी ड्रामे में तथाकथित इन नेताओं ने मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र से संबद्ध होने का प्रचार करते हुए कर्मचारियों को मुख्यमंत्री कार्यालय और ओकओवर के नाम का भी इस्तेमाल कर डराया-धमकाया गया।
विज्ञापन
ऐसी परिपाटी पूर्व कांग्रेस शासनकाल में गोपालदास वर्मा और लक्ष्मी सिंह मच्छान ने भी अपनाई थी, जबकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कर्मचारी राजनीति में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है और न रहेगा। फिर आखिर इन तथाकथित कर्मचारी नेताओं के ऐसे हौसले बुलंद रहने के पीछे क्या वजह है?
कहा कि कुछ लोग इस प्रकार से मुख्यमंत्री का नाम लेकर कर्मचारी राजनीति और उनके सौहार्दपूर्ण वातावरण को खराब करने का प्रयास करेंगे तो यह सरकार और सत्तारूढ़ दल दोनों के लिए नुकसानदेह होगा।