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हिमाचल में अगले साल से यूनिवर्सल कार्टन में होगी सेब पैकिंग

Wed, 21 Aug 2019 05:29 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Wed, 21 Aug 2019 05:29 PM IST
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apple packing in universal carton in himachal pradesh
फाइल फोटो

हिमाचल में अगले साल से सिर्फ यूनिवर्सल कार्टन में ही सेब पैक होंगे। जयराम सरकार ने टेलीस्कोपिक कार्टन को बंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी हितधारकों से चर्चा के बाद इस मामले को कैबिनेट में लाया जाएगा और मंजूरी के बाद सरकार अगले विधानसभा सत्र में विधेयक लाएगी।

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बुधवार को विधायक नरेंद्र बरागटा द्वारा लाए नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने इस पर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पांच करोड़ से अधिक सेब पेटियों का सवाल है। बागवानों को इस कारण और अधिक नुकसान नहीं होने देंगे।
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ठाकुर ने बताया कि टेलीस्कोपिक कार्टन में सेब को क्षमता से अधिक डाला जा रहा है। उद्योगपतियों ने मुनाफे के लिए इस कार्टन का निर्माण किया। 20 किलो की पेटी में 25 से 28 किलो सेब पैक किया जा रहा है।
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कुछ जगह 20 किलो की पेटी को ओवरलोड करते हुए एक्सट्रा ट्रे लगाकर 34 किलो तक पैकिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस वजह से लदानी को लाभ होता है। बागवानों को प्रति पेटी 500 से 600 रुपये का नुकसान होता है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने यूनिवर्सल कार्टन को शुरू करने का फैसला लिया है। 

अभी सेब सीजन जारी है। ऐसे में सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेना चाहती। इस सेब सीजन के निपटने के बाद बागवानों समेत सभी हितधारकों से बातचीत की जाएगी। बरागटा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाते हुए कहा कि टेलीस्कोपिक कार्टन के उपयोग से बागवानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।


सरकार को भी राजस्व में हानि होती है। टेलीस्कोपिक कार्टन के उपयोग से आढ़ती बागवानों को एक पेटी की कीमत के अतिरिक्त कुछ रुपये देकर उनसे 25 से 28 किलो का भरान 20 किलो की पेटी में करवा लेते हैं। टेलीस्कोपिक कार्टन में इन्नर व आउटर अलग-अलग होने के कारण बागवान इसमें निर्धारित भार क्षमता से अधिक पैकिंग का लाभ लेते हैं। 

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